शनिवार, 20 जून 2015

डांगावास में निषेद्याज्ञा लगा दी होती तो यह नौबत नहीं आती- गहलोत

जयपुर,19 मई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि डांगावास गांव में अब धारा 144 लगाने के क्या मायने हैं जबकि पूरी प्रशासनिक मशीनरी अब वहां मौके पर मौजूद है। उन्होंने कहा कि घटना के पहले जब तनाव था, एक दूसरे को चुनौती दी जा रही थी, जिला प्रशासन को शिकायत कर दी गई थी तभी धारा 144, 145 या 151 की कार्यवाही कर दी जाती तो आज यह नौबत नहीं आती।

गहलोत ने एक बयान में मंगलवार को कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट हो चुकी है और हत्या, लूट, चोरी एवं बलात्कार जैसे जघन्य अपराध लगातार हो रहे हैं। पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति हुए छह माह होने को हैं मगर रहस्यमय कारणों से इनको पदस्थापित नहीं किया गया है, इसलिए भी पुलिस प्रशासन लुंज-पुंज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नत पुलिस अधिकारियों को मालूम है कि उनका तबादला होना है, इसलिए उस रूप में वो भी अपनी ड्यूटी को अंजाम नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि मुख्यमंत्री को शीघ्र ही पदस्थापन का कार्य निबटाना चाहिए।
http://www.jansamachar.com/डांगावास-में-निषेद्याज्ञ/

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