गुरुवार, 31 अगस्त 2017

राजस्थान प्रांत के नागौर के पूरण मल मेघवाल ने विपरीत परिस्तिथियों के साथ चुनाव जीता था


नवरत्न मन्डुसिया की कलम से  आज मे एक गरीब युवा नेता की कहानी आपके सामने बताने जा रहा हूँ  पूरण मल मेघवाल राजस्थान प्रांत के एक दलित समुदाय से अपना लिंक रखते है और दलित होने पर भी बहूत गर्व महसूस करते है और मेघवाल की सबसे खास बात यह है की यह मानवता पर विश्वास रखते है और सर्व समाज को अग्रणी मानते है पूरण मल मेघवाल नागौर के नावा तहसील के डेड्या क बास के रहने वाले है प्राराम्भीक शिक्षा अपने गाँव से की और जब कॉलेज आये तो इन्होने बी.ए की पढ़ाई की और साथ साथ जोधपुर टेक्निकल के कॉलेज से आई.टी.आई विधुतकार से की वेसे पूरण मल मेघवाल का सपना टेक्निकल लाइन मे जाने का था लेकिन जब इनको कॉंग्रेस पार्टी ने जिला परिषद का टिकट दे दिया तो इनका ध्यान गरीबो की सेवा करना और सर्व समाज को साथ मे लेकर चलना आदि मे हो गया है  पूरण मल मेघवाल की राजनीति गतिविधिया छात्र जीवन से ही थी  पूरण मल मेघवाल वर्तमान मे राजस्थान प्रांत के नागौर जिले के जिला परिषद सदस्य है और नावा यूथ कांग्रेस महासचिव विधानसभा क्षेत्र नावा है तथा समाज को भी साथ मे लेकर चलने के कारण मेघवाल विकास समिति राजस्थान नागौर के प्रभारी भी है ।किसान परिवार के एक छोटे से गांव ‘डेड्या का बास नागौर ’ के इस लड़के ने बहुत लंबा सफर तय किया है।

बचपन में ही पूरण मल मेघवाल  ने अपने घर परिवार और समाज का साथ दिया है परिवार का गुजर बसर चलाने के लिए पूरण मल मेघवाल  ने अपनी मां के साथ खेती की, हल चलाया, जंगल से लकड़ी लाए और पशु पालन किया। इससे किसी तरह घर का गुजारा चल सका। घर के सारे काम करते हुए गांव के पास ही के स्कूल में पूरण मल मेघवाल  ने पढ़ाई लिखाई की।

गाँव के कई सारे बच्चों के तरह पूरण मल मेघवाल  कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए गाँव के पास कॉलेज  गए। लेकिन परिवार की हार्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि बगैर काम किए वो पढ़ सकें। उन्होंने कुछ दिन राजस्थान में गुजारे। जब कोई काम नहीं मिला,तो अपने खेत खलीयान को ही सबसे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग समझा  जिससे गुजारा चल सके, तो मजबूरन बी.ए की पढ़ाई तो जेसे तेसे की लेकिन जीवन का एक ही उद्देश्य मानते हुवे कभी हार नही मानी पूरण मल मेघवाल के दो दोस्तो ने भी पूरण मल मेघवाल की बहूत सहायता की और हर दुःख सुख मे महत्वपूर्ण योगदान दिया पूरण मल मेघवाल आज भी दो दोस्तो पर बहूत विश्वास रखते है वे है मिन्डा देवली के पेशे से अध्यापक नाथूराम वर्मा और दूसरा दोस्त घरवाणी के पेशे से सरकारी मेडिकल लाइन के सुरेश बेसरवाड़ीया (मेघवाल) है पूरण मल मेघवाल को राजनीति क्षेत्र मे आगे बढ़ने के लिये हमेशा प्रेरित करते रहते है  और पूरण मल मेघवाल हमेशा ही सर्व समाज को साथ लेकर चलने वाले युवा नेता है पूरण मल मेघवाल जब खेती का काम करने लगे तो इनके पिताजी को बहूत गर्व महसूस हुवा और बाद मे पूरण मेघवाल के पिता जी भी अच्छी नौकरी मिल गयी थी और धीरे धीरे इनकी आर्थिक स्थिती भी मजबूत होती गयी आज वर्तमान मे पूरण मल मेघवाल के परिवार की आर्थिक लिंक बिल्ट बहूत मजबूत हो गया है अब वर्तमान मे पूरण मल मेघवाल समाज सेवा करते है और गरीबो को सहायता करते रहते है
गांव में रहते हुए भी पूरण मल मेघवाल राजनीतिक समझ रखते थे और स्थानीय मुद्दों को लेकर बहुत मुखर थे।वहीं दूसरी तरफ उनके करीबी रहे मिन्डा के नाथूराम वर्मा और घरवाणी के सुरेश कुमार वर्मा (मेघवाल) बताते हैं कि के शुरू से ही राजनीति मे अव्वल रहे है वहीं से उन्होंने राजनीति की बारिकियों को समझा। नागौर सेजिला परिषद सदस्य का भी उनके लिये चुनौती बन गयी थी लेकिन अपने आप पर पूरा विश्वास करके चुनाव  की तैयारियों की जिम्मेदारी भी ली और चुनाव भी लड़े और जीते भी थे यही वजह थी जब पहली बार पूरण मल मेघवाल  ने  चुनाव  लड़ा उस वक्त उनका नारा था नागौर की तर्ज पर विकास ही मेरा परम धर्म है चुनावों में नावा  विधानसभा सीट के कई गांवों का दौरा पूरण मल मेघवाल  और उनके समर्थकों ने पैदल चलकर किया। चुनावों  में जहां जहां पूरण मल मेघवाल  पैदल गए थे, और थोड़ी गाडियो का भी प्रयोग किया  उन्होंने अपने  क्षेत्र के विकास के लिए एक जिला परिषद सदस्य  रहते हुए हर संभव प्रयास करने का सच्चा वादा भी किया और आज वर्तमान समय मे निभा भी रहे है
शायद यही वजह है नाँवा क्षेत्र में पूरण मल मेघवाल  सबसे अधिक लोकप्रिय नेता हैं और उन्हें अपार जनसमर्थन प्राप्त है। आने वाले सालों में पूरण मल मेघवाल नाँवा विधानसभा और नागौर  लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं।और  कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। पूरण मल मेघवाल जैसे साधारण आदमी का नेता बन जाना किसी चमत्कार से कम नही है :- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से

बुधवार, 30 अगस्त 2017

नांदरिया रेनवाल मे होगा बलाई समाज का राज्य स्तरीय निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन

बलाई समाज का राज्य स्तर पर निःशुल्क सामूहिक  विवाह सम्मेलन का आयोजन राजस्थान राज्य के जयपुर जिले के समीप  किशनगढ़ रेनवाल के पास नांदरिया प्रतापपूरा स्टेंड मे 24/11/2017 को किया जायेगा  इस सामूहिक विवाह सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बलाई समाज की गरीब बेटियों की शादी करना है भीमा का सपना के सम्पादक श्री सुरेश कुमार वर्मा की अगुवाई मे होगा
बलाई समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन के उद्देश्य

1. बलाई समाज का राज्य स्तर निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन 
2. वरिष्ठ दम्पतियो का सम्मान 
3. प्रतिभावान महानुभावों का सम्मान (शिक्षा खेल समाज सेवा और नवनियुक्त प्रशासनिक सेवा मे)
4. मेघावी छात्र छात्राओं का सम्मान (माध्यमिक और उच्च माध्यमिक मे 70% से अधिक अंक लाने पर)
 बलाई समाज को फिजूलखर्ची से बचाने के लिए इस विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया. वहीं समाज के लोगों में भी सम्मेलन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिलेगा
इस सामूहिक विवाह सम्मेलन पूरी रीति-रिवाजों के साथ जोड़े परिणय सूत्र में बांधेंगे सम्मेलन में जो जोड़े विवाह बंधन में बांधेंगे  वह गरीब परिवार के साथ समर्थ परिवार के भी होंगे
सुरेश कुमार वर्मा और सामूहिक विवाह सम्मेलन के प्रचार मंत्री नवरत्न मन्डुसिया व गौरव लाडना ने बताया कि सम्मेलन में हजारों लोग हिस्सा लेंगे  वहीं इस सम्मेलन में बलाई  समाज की सभी संस्थाओं समाज सेवकों भामाशाह आदि योगदान देंगे

बुधवार, 9 अगस्त 2017

मेघवाल समाज का लाडला नरेन्द्र वर्मा बासडी (सीकर) 18 बार रक्तदान करने पर जिला स्तर सम्मानित

नवरत्न मन्डुसिया कि कलम.से//विश्वरक्तदाता दिवस के अवसर पर सीकर जिले के युवाओं को रक्तदान हेतु प्रेरित करने वाले लगातार रक्तदान शिविरो का आयोजन करवाने व 18 बार रक्तदान करने के लिए श्री   कल्याण चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी व रक्तकोष प्रभारी डॉ. राजेन्द्र जी व सम्पुर्ण टीम द्वारा सम्मान प्राप्त सीकर के सम्मीप बासडी निवासी नरेन्द्र वर्मा  ने सम्मान प्राप्त किया मेघवाल समाज के युवा नरेंद्र वर्मा का उदेश्य रक्त दान को सर्वप्रमुख मानते है नरेन्द्र वर्मा कहते है कि 
रक्तदान श्रेष्ठ दान है। श्रेष्ठ कर्म है तथा प्रत्येक इंसान को इंसानियत की खातिर अपने जीवन में रक्तदान करना ही चाहीये मेघवाल समाज मे जन्मे नरेन्द्र वर्मा अबतक लगभग 18 बार रक्तदान कर चुके हैं। नरेंद्र वर्मा का कहना है कि उनका रक्त जब किसी विपत्तिग्रस्त रोगी की धमनियों में पहुंच कर किसी को संकट से उबारता है या किसी की प्राण रक्षा होती है तो उन्हें बहुत सुकून मिलता है। इससे उन्हें रक्तदान करने की पुन: प्रेरणा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि 'जीना तो है उसी का जिसने यह राज जाना, है काम आदमी का औरों के काम आना' इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से शरीर को कोई हानि नहीं होती और रक्तदाता का शरीर थोड़े ही समय में इसकी भरपाई कर लेता है। और हमे रक्तदान कर लेना चाहिये नरेंद्र वर्मा सीकर के डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी जिला शाखा सीकर के महासचिव है सीकर के आसपास जब कोई भी कार्यक्रम होता है तो नरेन्द्र वर्मा उसमे बढ़ चढ़कर भाग लेते है ।तथा  मुख्य वक्ता  के रुप मे नरेंद्र वर्मा कहते है कि । जीवन मे रक्तदान करना चाहिये जिसमे किसी कि जिंदगी बचा सके और नरेन्द्र कहते है कि ये बात ज्यादा लोगों को नहीं मालूम कि नियमित रूप से ब्लड डोनेशन करने से आयरन लेवल ठीक बना रहता है. शरीर में आयरन बढ़ जाए तो ऑक्सीडेटिव डैमेज होता है, जिससे टिशू डैमेज होता है. ब्लड डोनेट करने से न सिर्फ शरीर में आयरन की मात्रा ठीक बनी रहती है बल्कि ये दिल की बीमारियों से भी बचाव करता है. ये वक्त से एजिंग होने, स्ट्रोक आने और हार्ट अटैक से बचाव करता है है कारण हमे रक्तदाता बनकर रक्तदान करना चाहिये। अभी वर्तमान मे  सीकर मे 26 जनवरी 2017 (68 वें गणवतंत्र दिवस) पर लाडले नरेन्द्र वर्मा को 18 बार रक्तदान करने व जिला स्तर पर स्वैछिक रक्तदान को बढावा देने के लिए जिला स्तर पर सम्मानित करते राजस्थान सरकार के राज्य चिकित्सा मंत्री श्री बंशीधर बाजिया , जिला प्रमुख सुश्री अपर्णा रोलन(मेघवाल) सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द जी सरस्वती जी, यू० आई० टी० चेयरमैन श्री हरिराम जी रणवां सीकर विधायक श्री रतन जी जलधारी ,विधायक श्री गोविन्द जी डोटासरा, जिला कलेक्टर श्री के० बी० गुप्ता सहित गणमान्य नागरीको कि उपस्थति मे मेडल देकर सम्मानित किया गया नरेन्द्र वर्मा सीकर जिले सहित अन्य जिलों मे अच्छी पकड़ बना रखी है तथा समाज मे भी बहूत बड़ा योगदान है :- नवरत्न मन्डुसिया कि कलम से 
नरेन्द्र वर्मा को सम्मानित करते हुवे 

मंगलवार, 8 अगस्त 2017

समाजसेवी पुखराज दिवराया मारवाड़ क्षेत्र सहित राजस्थान मे रक्तदाता के नाम से पहचान बनी

नवरत्न मन्डुसिया की कलम से✅✅//  राजस्थान प्रांत के युवा अब बहूत ही चंचल और समाज सेवी बन रहे है इनमें इतना जोश की यह किसी भी काम के मुकाम को हासिल किये बिना पीछे नही हटते है आइये आज हम एक ऐसे युवा की जीवनी पर प्रकाश डालेंगे जिसमे हर समाज को गर्व महसूस होगा की की मेघवाल समाज मे भी ऐसे जीनियस युवा मेघवाल समाज मे जन्म ले चुके है मारवाड़ क्षेत्र के जोधपुर जिले मे जन्मे पुखराज दिवराया एक सकरात्मक सोच वाले अम्बेडकरवादी युवा है जो की सभी समुदायों मे हेल्पर पुखराज के नाम से जाना व पहचाना जाता है वर्तमान मे पुखराज की उम्र केवल 25 साल है लेकिन इतनी कम उम्र मे बड़े बड़े समाज हित मे तो केवल बाबा साहेब के अनुयायी ही कर सकता है पुखराज मेघवाल की शिक्षा बी.ए.  एम॰ ए. और पत्रकारिता है आजाद भारत मे हमे कम ही लोग मिलेंगे की जो बिना स्वार्थ काम करेंगे पुखराज दिवराया के पिता जी घीसू लाल जी है और माता का नाम चम्पा देवी जी है पुखराज वर्तमान मे रोयल्टी नाका बालसमंद मन्डोर रोड रहते है पुखराज मेघवाल पेशे से बिजनेसमैन है और बिजनेस के साथ साथ समाज सेवा मे ही हमेशा आगे रहते है मे नवरत्न मन्डुसिया मेघवाल समाज के युवा साथी बहूत गर्व महसूस करता हूँ की आज के ज़माने मे भी ऐसे युवा है जो समाज सेवा मे अव्वल आ रहे है पुखराज मेघवाल मानवाधिकार एवम न्याय आयोग (ट्रस्ट) के राजस्थान प्रांत के प्रदेश संयोजक के पद पर भी विराजमान है और पूर्व मे कॉलेज के अध्यक्ष पद पर भी विराजमान हो चुके है पुखराज दिवराया ने प्रथम प्रयास मे रक्तदान शिविर लगाकर मेघवाल समाज से 100 यूनिट की व्यवस्था की है और लगभग 1500 लोगो की सहायता भी कर चुके है मेघवाल समाज के युवाओं को आगे बढ़ने के लिये दिनप्रतिदिन प्रेरित करते रहते है इस रक्त दान और रक्त दाता के नाम से पहचान बन गयी है पुखराज मारवाड़ क्षेत्र सहित राजस्थान प्रांत मे बहूत जोरों शोरो से रक्तदाता के नाम से दिनप्रतिदिन पहचान बन रही है तथा इनके अलावा समाज सेवा मे बहूत रुचि रखते है पुखराज मेघवाल ने भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र मे डॉक्टर भिव राव अम्बेडकर की मूर्ति लगवाई है और लगभग 21 मूर्तियों को लगाने का संकल्प लिया है पुखराज दिवराया बेटी बचावो बेटी पढ़ोओ कार्यक्रम करवाते है जिसमे बेटियाँ समाज मे पढ़ लिख कर भारत देश का भविष्य बनेगी पुखराज मेघवाल के उद्देश समाज मे व्याप्त कुरुतीयो को मिटाना है तथा समाज हित मे कार्य करना है पुखराज मेघवाल हमेशा गरीबों की सहायता करने मे बहूत ही तत्पर रहते है और सामूहिक विवाह सम्मेलनों मे भी बहूत बार भाग लेकर  समाज  हित मे काम किया है पुखराज दिवराया भाईचारे मे बहूत ज्यादा विश्वास करते है और कहते है यदि हम लोग भाईचारे की भांति रहेंगे तो हम हर समाज को आगे बढ़ा सकते है :- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से
पुखराज दिवराया को सम्मानित करते हुवे समाज बंधु 

शनिवार, 29 जुलाई 2017

बेटी ही एक ऐसी अनमोल रत्न है जो दो घरो को सवारती है

नवरत्न मन्डुसिया की कलम से //  बेटी  जब शादी के मंडप से...ससुराल जाती है तब .....पराई नहीं लगती.
मगर ......जब वह मायके आकर हाथ मुंह धोने के बाद सामने टंगे टाविल के बजाय अपने बैग से छोटे से रुमाल से मुंह पौंछती है , तब वह पराई लगती है. जब वह रसोई के दरवाजे पर अपरिचित सी खड़ी हो जाती है , तब वह पराई लगती है. जब वह पानी के गिलास के लिए इधर उधर आँखें घुमाती है , तब वह पराई लगती है. जब वह पूछती है वाशिंग मशीन चलाऊँ क्या तब वह पराई लगती है. जब टेबल पर खाना लगने के बाद भी बर्तन खोल कर नहीं देखती तब वह पराई लगती है.जब पैसे गिनते समय अपनी नजरें चुराती है तब वह पराई लगती है.जब बात बात पर अनावश्यक ठहाके लगाकर खुश होने का नाटक करती है तब वह पराई लगती है..... और लौटते समय 'अब कब आएगी' के जवाब में 'देखो कब आना होता है' यह जवाब देती है, तब हमेशा के लिए पराई हो गई ऐसे लगती है.लेकिन गाड़ी में बैठने के बाद जब वह चुपके से अपनी आखें छुपा के सुखाने की कोशिश करती । तो वह परायापन एक झटके में बह जाता तब वो पराई सी लगती
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 Dedicate to all Girls..
नहीं चाहिए हिस्सा भइया मेरा मायका सजाए रखना कुछ ना देना मुझको बस प्यार बनाए रखना पापा के इस घर में मेरी याद बसाए रखना बच्चों के मन में मेरा मान बनाए रखना बेटी हूँ सदा इस घर की ये सम्मान सजाये रखना।

Dedicated to all married girls .....बेटी से माँ का सफ़र  (बहुत खूबसूरत पंक्तिया , सभी महिलाओ को समर्पित)बेटी से माँ का सफ़र बे   फिक्री से फिकर का सफ़र रोने से चुप कराने का सफ़र उत्सुकत्ता से संयम का सफ़र पहले जो आँचल में छुप जाया करती थी  ।आज किसी को आँचल में छुपा लेती हैं ।पहले जो ऊँगली पे गरम लगने से घर को सर पे उठाया करती थी ।आज हाथ जल जाने पर भी खाना बनाया करती हैं । पहले जो छोटी छोटी बातों पे रो जाया करती थी आज बो बड़ी बड़ी बातों को मन में  छुपाया करती हैं पहले भाई,,दोस्तों से लड़ लिया करती थी ।आज उनसे बात करने को भी तरस जाती हैं ।माँ,माँ  कह कर पूरे घर में उछला करती थी ।आज माँ सुन के धीरे से मुस्कुराया करती हैं ।10 बजे उठने पर भी जल्दी उठ जाना होता था ।आज 7 बजे उठने पर भी लेट हो जाया करती हैं ।खुद के शौक पूरे करते करते ही साल गुजर जाता था ।आज खुद के लिए एक कपडा लेने को तरस जाया करती है ।पूरे दिन फ्री होके भी बिजी बताया करती थी ।अब पूरे दिन काम करके भी काम चोर कहलाया करती हैं । एक एग्जाम के लिए पूरे साल पढ़ा करती थी।अब हर दिन बिना तैयारी के एग्जाम दिया करती हैं । ना जाने कब किसी की बेटी किसी की माँ बन गई ।कब बेटी से माँ के सफ़र में तब्दील हो गई .😭😭😭😭😭
🚩बेटी है तो कल हे।🚩
बहुत प्यारी होती है बेटीया न जाने लोग बोज समझते है बेटीया
इसलिये हमे बेटियों को बोझ नही समझना चाहिये :- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से 

बुधवार, 26 जुलाई 2017

मेघवाल समाज की युवा सरपंच ममता वर्मा की युवा सोच और गाँव को किया चमन



नवरत्न मन्डुसिया की कलम से//राजस्थान की राजधानी जयपुर  जिले के एक छोटे से कस्बे रेनवाल के पास मुंडली गाँव की है और यह किस्सा बहूत ही जबरदस्त है आइये जानते है युवा  25 साल की ममता वर्मा  के  सरपंच बनने की कहानी के बारे मे दोस्तो यह कहानी ही नही बल्कि एक हक्कीकत है तथा  बड़ी जबरदस्त कहानी है ममता मेघवाल की शिक्षा 12 कक्षा है और अब वर्तमान मे प्रथम वर्ष की छात्रा है ममता मेघवाल के पति सुभाष मेघवाल भी ममता मेघवाल के कामकाज मे पूरा सपोर्ट करते है  जब ममता देवी मेघवाल को आम चुनावों के बारे मे कहा गया की ममता आपको इस मुंडलि गाँव की मुखिया बनाया जा रहा है तो एक बार तो ममता मेघवाल डर सी गयी थी लेकिन ममता अपने पति की बातो को बड़े दिल और दिमाग से सुना तो तो सरपंच के चुनाव के लिये हाँ भर दी गयी  और सरपंच के चुनाव के लिये तेयारीया करना शुरू कर दिया गया दोस्तो इनकी सरपंचाई की दास्तांन बहूत ही अलग थलग है  ममता मेघवाल के सामने तीन लोग और चुनावी मेदान मे थे

आम चुनावों मे जब ममता मेघवाल 434 वोटो से जीत दर्ज की तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नही था अपनी जीत का श्रेय अपने पति सुभाष मेघवाल और ससुर तथा ग्रामवासियों को मानती है जब ममता मेघवाल सर्वप्रथम गांव के सरकारी स्कूल में तिरंगा फहराने के लिए गांव के विद्यालय मे गयी तो बहूत ही गर्व महसूस कर रही थी ममता मेघवाल  ने जब चीफ गेस्ट बनकर स्कूल में ध्वजारोहण किया तभी से उन्होंने गांव की भलाई करने की ठान ली। उनकी जीत का अंतर अन्य तीन उम्मीदवारों से तीन गुना तक रहा।उन्होंने सरपंची का चुनाव लड़ने की ठानी। परिवारवाले  भी  चाहते थे की ममता गाँव की सरपंच बने आखिर 934 वोट लेकर सरपंच बन ही गयी  कि वह  इसके बावजूद उन्होंने चुनाव में जीत दर्ज कर जिले में सबसे युवा सरपंच बनने की उपलब्धि हासिल की। सरपंच बनने के बाद उन्होंने अब  ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रही है गांव के विकास को लेकर ममता मेघवाल  के सामने कई परेशानियां आईं। सबसे बड़ी समस्या  पानी लाने को लेकर थी, लेकिन ममता पानी लाने की पूरी कोशिश कर रही है और नहरों को जोड़ने वाली सुविधा की भी बहूत प्रयास कर रही है ममता का उद्देश्य गरीबो की सेवा करना लोगो को अधिक.से से.सुविधायें दिलवाना आदि उद्देश्य है ममता ने अपने कार्यकाल मे पेंशन सुविधाएँ भामाशाह योजनाएँ राशन योजनायें आदि लाकर गाँव की सेवा करना ही अपना धर्म मानती है ममता मेघवाल का कहना है की ज
"जब मैं चुनाव जीतकर पहली बार सरपंच भवन गई तो देखा कि लोगों के पेंशन और प्रमाण पत्र के कागज उनके दफ्तर मे पड़े मिले थे तथा कई लोगो  के साईन किए हुए रखे पड़े हैं। उन्हें किसी ने जमा ही नही कराए और लोग ने ये मानकर संतोष कर लिया कि वो इन योजनाओं के पात्र नहीं थे इसलिए कुछ हुआ ही नही"
पांच साल के लिए सरपंच बनी प्रतिभा ये सबकुछ बदलना चाहती है.ममता पहली.बार  सरपंच बनी है और अब तो मानो ममता को इतना नॉलेज हो गया है की अब वह विपरीत परिस्तिथियों का सामना करके भी आगे बढ़ने की सोच रही है ममता के एक पुत्र और एक पुत्री है दोनो ही पढ़ाई करते है   गाँव  में पीने की पानी बड़ी समस्या थी. पंचायत के पास फंड थे नही. गांववालों को उम्मीदें काफी थी लिहाजा जयपुर का चक्कर काटना शुरु किया और गाँव की ज्यादातर असुविधाओं को सुविधाऑ मे बदला गया गांव की सरपंच साहिबा बताती है की
"पहले घर से निकला मुश्किल होता था. बरसात में गांव ही कीचड़ बन जाता था लेकिन अब पक्की सड़क बनने के बाद ऐसा नही है"और ज्यादा तर जगहो पर सड़क निर्माण करवाया जा रहा है ॥
ममता मेघवाल  के पंचायत के अंदर पांच सात  बड़े गांव आते हैं जहां से पंचायत भवन बहुत दूर था और यह गाँव किसी ज़माने मे नगरपालिका के नाम से जाना पहचाना जाता था लेकिन गांववालो की एकता के कारण इस मुंडलि गाँव को ग्राम पंचायत घोषित करना पड़ा  इसलिए इन्होंने ग्राम पंचायत मे ईमित्र ई-कियोस्क शुरु करवाया ताकि हर कोई यहां आकर कंप्यूटर में अपना कागज और आवेदन डलवा दे और फिर ममता मेघवाल  उनका काम ऑनलाईन देख सकें और उनके काम का प्रोग्रेस देख सकें।और जल्द से जल्द उनका काम कर सके और  लोग देख भी सकें उनके आवेदन या काम कहां तक पहुंचा. इस योजना की सफलता ने गांव की आधी समस्या दूर कर दी. सबसे ज्यादा समस्या वृद्धाअवस्था पेंशन और विधवा पेंशन की होती थी लेकिन ई-मित्र कियोस्क के जरिए ये सारा काम गांव में होता है. यही नहीं अब खाता से पैसे लाने शहर भी नही जाना पड़ता है.तथा ममता मेघवाल  खाली समय में किताबें पढ़ना पसंद करती हैं, साथ ही आगे पढ़ने की भी ख्वाहिश है. लिहाजा अपने लिए भी वक्त निकालकर कर पढ़ाई करती रहती हैं.ममता मेघवाल  की पढ़ाई की लगन का असर गांव के युवाओं पर भी पड़ा है और गांव में पढ़ाई का ऐसा माहौल बना है की सभी गाँव के लोग पढ़ने मे भी बहूत सक्रिय हो रहे है :-नवरत्न मन्डुसिया की कलम से 

सोमवार, 24 जुलाई 2017

अब अपनायेंगे स्वदेशी और भगाएंगे विदेशी :- नवरत्न मन्डुसिया

 नवरत्न मन्डुसिया की कलम.से // दोस्तो आज जब मे सुरेरा मे श्री श्याम स्टील फर्नीचर के प्रोप्राइटर श्री साँवर मल जी सेवदा निवासी रुलाणा और श्री बालाजी  क्लौथ साड़ी सेंटर के प्रोप्राइटर व कपड़े के थोक विक्रेता  श्री  भँवर लाल जी महला निवासी भारीजा के पास घूमते घूमते पहुँचा तो वे वेसे मेरे अजीज मित्र भी है और औपचारिक भाषा मे कहे तो मेरे शॉप के पड़ोसी भी है इनके पास मेरा एक और मित्र शिम्भू सिंह शेखावत वो भी  आ गये  थे वेसे शिम्भू सिंह शेखावत पेशे से कपड़े के व्यापारी है सब हमारी शॉप के बाहर बेठे थे हमारे बीच मे अचानक एक सवाल आया की हम लोग अब कभी भी जीवन मे चीन की बनाई गयी कोई भी वस्तु नही खरीदेंगे अब हम लोग हमेशा स्वदेशी वस्तुएँ ही खरीदेंगे दोस्तो आजाद भारत मे यदि हम लोग स्वदेशी वस्तुएँ खरीदेंगे तो हमारे देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी इस कारण हम सब लोग स्वदेशी वस्तुएँ ही खरीदेंगे और विदेशी वस्तुओं की होली जलायेंगे दोस्तो हमे चीन की बनी हुई कोई भी वस्तु नही खरिंदेंगे चीनी मिट्टी से बनी मूर्तिया, फाईबर की मूर्तियां, प्लास्टिक से बनी मूर्तियों व चीनी पटाखे, चीनी मोबाइल तथा  अन्य सभी चीनी आईटम का बहिष्कार करेंगे तथा हम सब लोग मिलकर देश बचायें', 'स्वदेशी भारत समृद्ध भारत', 'मेड इन चायना अब कभी नहीं, कभी नहीं', 'मेड इन चायना हटायें'ये ही हमारा उद्देश्य होना चाहिये दोस्तो मे नवरत्न मन्डुसिया आपको कहना चाहता हूँ की अब समय आ गया है हमे चीन की वस्तुओं का बहिष्कार करने का और स्वदेशी अपनाने का दोस्तो इस हिंदुस्तान की 150 करोड़ जनसँख्या होते हुवे भी नही समझ रहे अब तो हमे जागना चाहिये दोस्तो चीन की वस्तुएं भारत के सामाजिक व आर्थिक हित के लिए घातक है़ चीन दुश्मन देश की  मदद कर रहा है़  ऐसे में हमारा दायित्व है कि हम  चीनी सामान का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाये़ और अब हमे.भविष्य मे कभी भी राखी पटाखों, लाइटों, रंगीन बल्बों आदि का बहिष्कार करे़ं   देश में निर्मित समान खरीद कर गरीबों की मदद करें. दोस्तो मेने इतिहास विषय से मास्टर की डिग्री प्राप्त की थी उस समय मेने कई शक्तिशाली देशों का अध्ययन किया था उनका एक ही उद्देश्य था की भारत मे फुट डालो राज़ करो की नीति अपनाकर हम भारत देश मे साम्राज्य स्थापित करके विदेशी व्यापारों का व्यापार करेंगे दोस्तो मे नवरत्न मन्डुसिया आपको अवगत करवाना चाहता हूँ की
 दुनिया में सबसे बड़ी फ़ौज सोवियत संघ.के पास थी जिसका खर्चा वह भारत जैसे देशो विकासशील देशों  को मनमाने दाम पर हथियार बेच कर उठाता था ,परन्तु जब अमेरिका और फ़्रांस उससे बहुत कम कीमत में उनसे अच्छा हथियार बेचने लगे तो सोवियत का बाजार टूट गया और ९० के दसक आते आते वह अपने सेना का खर्च उठाने में असमर्थ हो गया परिणाम स्वरुप उसे अपने आधीन राष्ट्रों को आजादी देनी पड़ी इस प्रकार सोवियत संघ का पतन हो गया .चीन के पास भी बहुत बड़ी सेना है, और उसे भी अपने सैनिको का खर्च उठाने के लिए अपना सामान अन्य देशो के बाजार में भेजना पड़ रहा है और यहाँ तक उसे अपने कैदियों के अंगो को भी बेच कर पैसा कमाना पड़ रहा है .लगभग रोज चीन भारतीय सीमा में घुस आता है, परन्तु वह बियात्नाम युद्ध के बाद इस स्थिति में नहीं है की कोई बड़ी लड़ाई लड़ सके, यदि चीन को बिना एक गोलीचलाये सबक सिखाना है तो सबसे अच्छा तरीका यही है की हर भारतीय चीनी सामानों का बहिस्कार करे और दुनिया  का सबसे बड़ा बाजार भारत है कोई भी देश से यदि इतना  बड़ा बाजार छीन जाये तो उसका आधा पतन ऐसे ही हो जाएगा.मै हर भारतीय से अनुरोध करता हु की वह चीनी सामान लेना बंद कर दे जिसमे कीं चीन देश की  आर्थिक स्थिति भी कमजोर होगी और भारत देश का भी सहयोग करता रहेगा :- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से

नवरत्न मन्डुसिया

खोरी गांव के मेघवाल समाज की शानदार पहल

  सीकर खोरी गांव में मेघवाल समाज की सामूहिक बैठक सीकर - (नवरत्न मंडूसिया) ग्राम खोरी डूंगर में आज मेघवाल परिषद सीकर के जिला अध्यक्ष रामचन्द्...