सोमवार, 24 जुलाई 2017

अब अपनायेंगे स्वदेशी और भगाएंगे विदेशी :- नवरत्न मन्डुसिया

 नवरत्न मन्डुसिया की कलम.से // दोस्तो आज जब मे सुरेरा मे श्री श्याम स्टील फर्नीचर के प्रोप्राइटर श्री साँवर मल जी सेवदा निवासी रुलाणा और श्री बालाजी  क्लौथ साड़ी सेंटर के प्रोप्राइटर व कपड़े के थोक विक्रेता  श्री  भँवर लाल जी महला निवासी भारीजा के पास घूमते घूमते पहुँचा तो वे वेसे मेरे अजीज मित्र भी है और औपचारिक भाषा मे कहे तो मेरे शॉप के पड़ोसी भी है इनके पास मेरा एक और मित्र शिम्भू सिंह शेखावत वो भी  आ गये  थे वेसे शिम्भू सिंह शेखावत पेशे से कपड़े के व्यापारी है सब हमारी शॉप के बाहर बेठे थे हमारे बीच मे अचानक एक सवाल आया की हम लोग अब कभी भी जीवन मे चीन की बनाई गयी कोई भी वस्तु नही खरीदेंगे अब हम लोग हमेशा स्वदेशी वस्तुएँ ही खरीदेंगे दोस्तो आजाद भारत मे यदि हम लोग स्वदेशी वस्तुएँ खरीदेंगे तो हमारे देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी इस कारण हम सब लोग स्वदेशी वस्तुएँ ही खरीदेंगे और विदेशी वस्तुओं की होली जलायेंगे दोस्तो हमे चीन की बनी हुई कोई भी वस्तु नही खरिंदेंगे चीनी मिट्टी से बनी मूर्तिया, फाईबर की मूर्तियां, प्लास्टिक से बनी मूर्तियों व चीनी पटाखे, चीनी मोबाइल तथा  अन्य सभी चीनी आईटम का बहिष्कार करेंगे तथा हम सब लोग मिलकर देश बचायें', 'स्वदेशी भारत समृद्ध भारत', 'मेड इन चायना अब कभी नहीं, कभी नहीं', 'मेड इन चायना हटायें'ये ही हमारा उद्देश्य होना चाहिये दोस्तो मे नवरत्न मन्डुसिया आपको कहना चाहता हूँ की अब समय आ गया है हमे चीन की वस्तुओं का बहिष्कार करने का और स्वदेशी अपनाने का दोस्तो इस हिंदुस्तान की 150 करोड़ जनसँख्या होते हुवे भी नही समझ रहे अब तो हमे जागना चाहिये दोस्तो चीन की वस्तुएं भारत के सामाजिक व आर्थिक हित के लिए घातक है़ चीन दुश्मन देश की  मदद कर रहा है़  ऐसे में हमारा दायित्व है कि हम  चीनी सामान का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाये़ और अब हमे.भविष्य मे कभी भी राखी पटाखों, लाइटों, रंगीन बल्बों आदि का बहिष्कार करे़ं   देश में निर्मित समान खरीद कर गरीबों की मदद करें. दोस्तो मेने इतिहास विषय से मास्टर की डिग्री प्राप्त की थी उस समय मेने कई शक्तिशाली देशों का अध्ययन किया था उनका एक ही उद्देश्य था की भारत मे फुट डालो राज़ करो की नीति अपनाकर हम भारत देश मे साम्राज्य स्थापित करके विदेशी व्यापारों का व्यापार करेंगे दोस्तो मे नवरत्न मन्डुसिया आपको अवगत करवाना चाहता हूँ की
 दुनिया में सबसे बड़ी फ़ौज सोवियत संघ.के पास थी जिसका खर्चा वह भारत जैसे देशो विकासशील देशों  को मनमाने दाम पर हथियार बेच कर उठाता था ,परन्तु जब अमेरिका और फ़्रांस उससे बहुत कम कीमत में उनसे अच्छा हथियार बेचने लगे तो सोवियत का बाजार टूट गया और ९० के दसक आते आते वह अपने सेना का खर्च उठाने में असमर्थ हो गया परिणाम स्वरुप उसे अपने आधीन राष्ट्रों को आजादी देनी पड़ी इस प्रकार सोवियत संघ का पतन हो गया .चीन के पास भी बहुत बड़ी सेना है, और उसे भी अपने सैनिको का खर्च उठाने के लिए अपना सामान अन्य देशो के बाजार में भेजना पड़ रहा है और यहाँ तक उसे अपने कैदियों के अंगो को भी बेच कर पैसा कमाना पड़ रहा है .लगभग रोज चीन भारतीय सीमा में घुस आता है, परन्तु वह बियात्नाम युद्ध के बाद इस स्थिति में नहीं है की कोई बड़ी लड़ाई लड़ सके, यदि चीन को बिना एक गोलीचलाये सबक सिखाना है तो सबसे अच्छा तरीका यही है की हर भारतीय चीनी सामानों का बहिस्कार करे और दुनिया  का सबसे बड़ा बाजार भारत है कोई भी देश से यदि इतना  बड़ा बाजार छीन जाये तो उसका आधा पतन ऐसे ही हो जाएगा.मै हर भारतीय से अनुरोध करता हु की वह चीनी सामान लेना बंद कर दे जिसमे कीं चीन देश की  आर्थिक स्थिति भी कमजोर होगी और भारत देश का भी सहयोग करता रहेगा :- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नवरत्न मन्डुसिया

खाटूश्यामजी मे होगा 25 दिसम्बर 2017 को बलाई समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन

नवरत्न मन्डुसिया की कलम से //बेटा अंश है तो बेटी वंश है, बेटा आन है तो बेटी शान है, का संदेश देते हुए राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह व पुर्नविवा...