मंगलवार, 9 मई 2017

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और आमजन को फायदा

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) एक सामाजिक कल्याण कार्यक्रम है जिसे मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया है | इसके अंतर्गत निराश्रित, निर्धन कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह हेतु परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है | मुखयमंत्री कन्‍या विवाह योजना को वर्ष 2006 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रारम्भ किया गया था  | इस योजना को सामाजिक न्याय विभाग (Social Justice Department) द्वारा सारे राज्य में संचालित किया जाता है |

पात्र महिला आवेदक जिनकी उम्र शादी के लिए तय उम्र से ऊपर या उतनी ही है और आर्थिक रूप से गरीब हैं इस योजना के द्वारा लाभान्वित होंगी | लाभार्थियों को वित्तीय सहायता (financial assistance) नकदी (cash) के रूप में प्रदान नहीं की जायेगी | इस योजना के तहत नव विवाहित जोड़ों (newly-wedded couples) को वित्तीय सहायता (financial assistance) उपयोगिता उपहार आइटम () के रूप में प्रदान की जाती हैं |

इस योजना का उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद, बेसहारा परिवारों को अपनी बेटियों / विधवाओं / तलाकशुदाओं को  शादी करने के लिए वित्तीय सहायता (financial assistance) प्रदान करना है | यह सहायता सामूहिक विवाह में दी जाती है और इसके लिए एकमात्र शर्त यह है कि लड़की की उम्र शादी के लिए तय उम्र के बराबर या उससे ज्यादा होनी चाहिए |

एक गरीब परिवार जिनके पास अपने दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है उनके लिए लड़की की शादी एक बड़ी चिंता का विषय है | गरीब परिवार के लिए बेटी की शादी का खर्च अकेले उठाना बहुत कठिन है | वे आम तौर पर शादी के खर्च को पूरा करने के लिए एकमुश्त धन जुटाने के लिए साहूकारों से ऋण लेते है और उनके शिकार बन जाते हैं | साहूकार उनकी इस स्थिति का फायदा उठा कर उन्हें ज्यादा ब्याज दर पर ऋण देते हैं | यह योजना गरीब परिवारों की मदद के लिए इस चिंता से छुटकारा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर शुरू की गई है |

इस योजना के तहत सामूहिक विवाह कराये जाते हैं जिससे न केवल सामाजिक सद्भाव में बृद्धि हुई है बल्कि शादियों पर होने वाले अनावश्यक व्यय पर भी अंकुश लगा है | इस योजना की एक और खास विशेषता यह है कि समाज के सभी वर्ग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं |  इस योजना से न ही सिर्फ हिंदू जोड़ों का बल्कि इस योजना के द्वारा और मुस्लिम जोड़ों के भी विवाह सम्पन्न किया जा रहे हैं |

Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana के लिए पात्रता :-
लाभार्थी के पास मध्य प्रदेश का अधिवास (domicile) होना चाहिए |
कन्या के अभिभावक मध्यप्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए |
लड़की की उम्र 18 वर्ष से अधिक और लड़के की उम्र  21 वर्ष से होनी चाहिए |
लड़कियों / विधवा / तलाकशुदा महिलाओं को गरीब, जरूरतमंद, श्रम वर्ग के परिवारों से होना चाहिए |
लाभार्थी को SSSM पोर्टल (समग्र पोर्टल) पर पंजीकृत होना चाहिए |
कन्या के अभिभावक गरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करते हों/या जरुरतमंद हों |
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लाभ :-
इस योजना के तहत कन्याओं को उनकी गृहस्थी की स्थापना हेतु 16,000/-रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है ताकि दाम्पत्य जीवन शुरू कर सके |  नव विवाहित जोड़ों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सरकार द्वारा 5 वर्ष के लिये 6,000/- रूपये की सावधी जमा कराई जाती है | इसके साथ ही सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने वाले निकाय यथा नगरीय निकाय,ग्रामीण निकाय को विवाह आयोजन की प्रतिपूर्ति के लिये कुल 3,000/- रूपये दिए जाते हैं | इस तरह इस योजना के तहत कन्या के परिवार को 25,000/- रूपये दिये जाने का प्रावधान किया गया है |

राज्य सरकार ने 1 नवंबर 2016 से इस योजना में कुछ परिवर्तन किये हैं | नए परिवर्तन के अनुसार, लड़कियों को जिनकी शादी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) के तहत होगी उन्हें अब 1 नवंबर, 2016 से 17000/- रुपये मिलेंगे | इस योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में महिला को 10000 /- रुपए का एक account payee cheque प्रदान किया जाएगा | आवश्यक घरेलू वस्तुओं की खरीद करने के लिए 7000 /- रुपए शादी के दूसरे दिन लड़की के बचत बैंक खाते में स्थानांतरित किये जाएंगे |

इसके अलावा, 5000/- रुपये विवाह अनुष्ठान के लिए आवश्यक वस्तुओं के लिए दिया जाएगा | और 3,000/- रूपये सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने वाले निकाय यथा नगरीय निकाय,ग्रामीण निकाय को विवाह आयोजन की प्रतिपूर्ति के लिये दिए जाएंगे |

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की प्रक्रिया :-

आवेदक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन फार्म निम्नलिखित कार्यालय में जमा कराए :-

ग्रामीण क्षेत्र के लिए ग्राम पंचायत / जनपद पंचायत में
शहरी क्षेत्र के लिए नगर निगम / नगर पंचायत / नगर परिषद  में
दस्तावेजों की स्वीकृति हेतु अधिकारी :-

ग्रामीण क्षेत्र के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत
शहरी क्षेत्र के लिए आयुक्त, नगर निगम मुख्य नगर पालिका अधिकारी

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