शनिवार, 15 अप्रैल 2017

बहुजन संघर्ष दल के प्रदेशाध्यक्ष कपिल मेघवाल की खास बात

राजस्थान में इन दिनों संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर के नाम पर भीम मेले लग रहे हैं और इन मेलों में उमड़ रही दलित युवाओं की भीड़, समाज में दलित जागृति की नई शुरूआत मानी जा रही है। ऐसे ही भीम मेले इन दिनों राजस्थान के मारवाड़ अंचल में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जोधपुर। जिले में बहुजन संघर्ष दल के नेतृत्व में लग रहे भीम मेलों में बड़ी संख्या में दलित युवाओं की भीड़ उमड़ रही है। इन भीम मेलों की खास बात ये है कि यहां आने वाले दलित युवाओं को दलित आंदोलनों की ऐतिहासिक जानकारी दी जाती है साथ ही देश के संविधान से लेकर कानून और प्रशासन की जानकारी भी इन युवाओं को दी जा रही है। राजस्थान में पहला भीम मेला जोधपुर जिले के ओसियां में पंडित जी की ढाणी में आयोजित किया गया था। उसके बाद जुलाई में नागौर जिले में खींवसर के आकला गांव में भीम मेला मेला लगाया गया जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुचे। मेले में बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूलसिंह बरैया के साथ ही संत नानकदास कबीरपंथी भी मौजूद रहे ।
IMG-20160723-WA0014
बहुजन संघर्ष दल के प्रदेशाध्यक्ष कपिल मेघवाल बताते हैं कि ऐसे भीम मेले राजस्थान में पहली बार आयोजित किए जा रहे हैं। जिनमें बढ रही दलित युवाओं की भागीदारी हम सब का मनोबल बढ़ाती है। ऐसे ही भीम मेले महाराष्ट्र में पहले भी लगते रहे हैं। जिनमें दलितों में नई चेतना की जागृति और बाबा साहेब के संदेशों को आमजन तक पहुंचाने काम किया जाता रहा है। सदियों से दलित समाज हर तरह से शोषण का शिकार रहा है और ग्रामीण इलाकों में लोगों के शिक्षित नहीं होने की वजह से जागृति की कमी होती है । इसी कमी को दूर करने के लिए हमने भीम मेले लगाने का निर्णय किया । कपिल मेघवाल कहते हैं कि देशभर के साथ राजस्थान में दलित उत्पीड़न में बढोतरी हुई है। इसकी एक वजह ये भी है कि लोगों को उनके हकों की जानकारी नहीं होना है । हम भीम मेलों में दलितों को कानूनों की जानकारी भी देते हैं। साथ ही उनके हक और अधिकारों को लेकर भी चर्चा करते हैं । खास बात ये भी है कि दलित स्वास्थ कैसे रहे इस बात की जानकारी भी इन मेलों में दी जा रही है। आत्मरक्षा के लिए जुडो-कराटे, व्यायाम और योग की बारिकियां भी दलित युवा इन भीम मेलों के सीख रहे हैं।
IMG-20160723-WA0015
भीम मेले में क्या है खास –
इन भीम मेलों में दलित उत्पीड़न को लेकर बनाए गए कानून, देश के संविधान की जानकारी, प्रशासनिक ढांचे के साथ ही अधिकारियों के बारे में जानकारी और साथ ही बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर के किए गए कार्यों की जानकारी भी दलित युवाओं को दी जा रही है। वहीं किसी के भी साथ अत्याचार होने की स्थिति में कैसे एफआईआर दर्ज करवाएं और थाने में मामला दर्ज नहीं होने पर क्या करें इन सब कानूनी पहलुओं को लेकर जानकारी दी जाती है और सरकारी योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। राजनैतिक और सामाजिक रूप से पिछड़े दलितों के लिए ये जानकारी काफी फायेदेमंद साबित हो रही है। इतना ही नहीं भीम मेले में दलित युवाओं को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए जा रहे हैं । जिससे युवा सामाजिक उत्पीड़न का प्रतिकार कर सकें ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नवरत्न मन्डुसिया

भँवर मेघवंशी ने किया अपना देहदान

एक जरुरी फैसला - देहदान का ! मैं जो भी हूँ ,आप सबके प्यार ,स्नेह और मार्गदर्शन की वजह से हूँ। इसलिए आप सबका खूब खूब धन्यवाद ,साधुवाद,आभा...