सोमवार, 29 अप्रैल 2013

सांसद अर्जुन राम मेघवाल को दूसरी बार मिला ’सांसद रत्न अवार्ड

रास में आई.आई. टी. कैम्पस में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में प्राईम पोईन्ट फाउन्डेशन चैन्नई द्वारा लोक सभा मे सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले चार पुरूष संासदों तथा दो महिला सांसदो को ’’सांसद रत्न अवार्ड‘‘ से सम्मानित किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तमिलनाडू के राज्यपाल डॉ. के. रोसैया, अध्यक्षता प्रो. के रामामुर्ति निदेशक आईआईटी मद्रास, विशिष्ठ अतिथि टी. एस. कृष्णा मुर्ति पूर्व मुख्य निर्वाचन आयोग भारत सरकार उपस्थित थें।
बीकानेर सांसद अर्जुन राम मेघवाल को टी. एस. कृष्णा मुर्ति पूर्व मुख्य निर्वाचन आयोग भारत सरकार ने सांसद रत्न अवार्ड से सम्मानित किया। यह अवार्ड बीकानेर सांसद अर्जुन राम मेघवाल द्वारा अबतक के लोक सभा संसद के १५ सत्रों मे अबतक सबसे ज्यादा ३८६ डिबेट मे भाग लेने तथा ९९ प्रतिशत उपस्थिति के लिए दिया गया। (सांसद बनने से आज तक केवल १ दिन की ही अनुपस्थिति रही है जिससे ९९ प्रतिशत है)। बीकानेर सांसद अर्जुन राम मेघवाल को इससे पूर्व वर्ष २०१२ के लिए भी सांसद रत्न अवार्ड मिल चुका है।
इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रपति माननीय ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी ने अपना संदेश भेजा। संदेश कहा कि मैं संसद रत्न 2013 पुरस्कार लोकसभा सांसदों और राजनीति, लोकतंत्र और शासन पर आयोजित की जा रही राष्ट्रीय संगोष्ठी प्रदर्शन के शीर्ष ij संसद रत्न 2013 पुरस्कार विजेताओं और पैनल और राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रतिभागियों को मेरा अभिवादन.

इसके अलावा वाद विवाद और सामाजिक परिवर्तन और परिवर्तनों के लिए कानून अभिनीत में अपनी मूल क्षमता का उपयोग कर रहा है, और भारत में बल्कि वैश्विक दुनिया में न केवल प्रतिस्पर्धी होने के लिए भारतीयों को सशक्त बनाने के लिए संसद में चर्चा के लिए योगदान से, माननीय सांसदों शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत , इमारत ज्ञान समाज के बुनियादी आधार हैं जो साक्षरता और कौशल विकास मिशन.
उन्होंने यह भी टैंक और जल निकायों गाद निकालने से बेहतर जल प्रबंधन के लिए लाने के लिए और अपने राज्यों में स्मार्ट जल तरीके बनाने के लिए काम करते हैं और एक कार्बन न्यूट्रल गांवों में गांवों में परिणत करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान कर सकते हैं.
वे प्रभावी ढंग से विकास की राजनीति दृष्टिकोण के माध्यम से वर्ष 2020 से पहले देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से साथी नागरिकों के लाभ के लिए मील का पत्थर विधान है लाने के लिए चर्चा के लिए उपलब्ध समय का उपयोग करना चाहिए.
मैं सभी पुरस्कार विजेताओं और राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान उद्देश्यपूर्ण चर्चा के लिए प्रतिभागियों और पैनल की कामना करते हैं.

अवार्ड फक्शनं के बाद आई.आई.टी. चैन्नई परिसर मे विद्यार्थियो के साथ एक पैनल डिस्कशन का कार्यक्रम हुआ जिसमें विषय ’’राजनीति , लोकतंत्र और शासन‘‘ पर चर्चा हुई।

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