शनिवार, 24 सितंबर 2011

1600 जातियों से बना है मेघवंश

मेघवंश आज पूरे देश में उपेक्षित है। मेघवंश को जागृत करने के लिए हम प्रदेश स्तर पर अभियान चला रहे हैं। इस बार पड़ाव मप्र में है। मेघवंश में 1671 जातियां हैं। देश में 20 से 25 फीसदी आबादी होने बावजूद हमें अधिकार नहीं मिल पाए हैं।
यह बात राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री कैलाश मेघवाल व सर्व मेघवंश महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल डेनवाल ने कही। वे पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा हमारा प्रयास है कि समाज भय और भूख मुक्त हो। आज समाज में भय और भूख का माहौल हैमेघवंशी एकत्रित होंगे तो अपनी ताकत का अहसास करा सकेंगे। मेघवंश को एकत्रित करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है।
नौ राज्यों में दौरे हो गए हैं, यह 10वां राज्य है। देश के विभिन्न कोनों में बसे मेघवंश को जयपुर में एकत्रित किया जाएगा। मौके पर राष्ट्रीय महामंत्री प्रभुलाल चंदेल, प्रदेशाध्यक्ष देवेंद्र परिहार सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे

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