सोमवार, 25 अप्रैल 2011

राजस्थान में मेघवाल महिलाएँ उनकी सुंदर और विस्तृत वेशभूषा और आभूषणों के लिए प्रसिद्ध हैं. विवाहित महिलाओं को अक्सर सोने की नथिनी, झुमके और कंठहार पहने हुए देखा जा सकता है. यह सब दुल्हन को उसकी होने वाली सास "दुल्हन धन" के रूप में देती है. नथनियाँ और झुमके अक्सर रूबी, नीलम और पन्ना जैसे कीमती पत्थरों से सुसज्जित होते हैं. मेघवाल महिलाओं द्वारा कढ़ाई की गई वस्तुओं की बहुत मांग है. अपने काम में वे प्राथमिक रूप से लाल रंग का प्रयोग करती हैं जो स्थानीय कीड़ों से उत्पादित विशेष रंग से बनता है. सिंध और बलूचिस्तान में थार रेगिस्तान और गुजरात की मेघवाल महिलाओं को पारंपरिक कढ़ाई और रल्ली बनाने का निपुण कारीगर माना जाता है. हाथ से की गई मोहक कशीदाकारी की वस्तुएँ मेघवाल महिलाओं के दहेज का एक हिस्सा होती हैं

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नवरत्न मन्डुसिया

मेघवाल समाज का लाडला नरेन्द्र वर्मा बासडी (सीकर) 18 बार रक्तदान करने पर जिला स्तर सम्मानित

नवरत्न मन्डुसिया कि कलम.से//विश्वरक्तदाता दिवस के अवसर पर सीकर जिले के युवाओं को रक्तदान हेतु प्रेरित करने वाले लगातार रक्तदान शिविरो का आ...