शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

अगर पत्नियां बुरी होती है तो लोग शादी क्यों करते हैं


नवरत्न मन्डुसिया की कलम से //अगर  पत्नियां बुरी होती है तो लोग शादी क्यों करते हैं ?
अक्सर शादी शुदा लोग कहते हैं कि हम शादी करके फंस गए हैं, तू मत फंसना. पत्नियां बुरी होती हैं, बेकार होती हैं, पति पर शक करती हैं, बात बात पर टोकती है.
पड़ोसी से बात तक नहीं करने देती.
अगर ऐसा है तो फिर बाकि लोग शादी क्यों करते हैं,
पत्नियां बुरी होती है, ये जानने के बाद भी.
कई लोग पत्नी की comparison लड्डू से करते हैं, खाओ तो गलत, न खाओ तो भी गलत.
कहते हैं जो खाये वो पछताए
जो न खाए वो भी पछताए
पत्नी की compare लड्डू से, बेवकुफ कहीं के,
शायद उन्हें ज़रा भी अक्कल नहीं है कि आखिर ये पत्नी है क्या, पत्नी की अहमियत क्या है ?
क्या पत्नी के बिना आपका घर संसार है क्या ?
एक लड़की, एक बेटी, अपना घर छोड़कर आपके घर आपकी पत्नी, घर की बहु बनकर आती है, और आप उन्हें बुरी कहते हो ?
बेशर्म कहीं के.
पूरा घर सम्भालती है आपका
आपके एक एक चीज का ध्यान रखती है
हर चीज गलत जगह से उठाकर, सही जगह रखती है
सम्पूर्ण जीवन आपके नाम तक कर देती हैं,
आपको बेटी/बेटे की सौगात देकर, आपका घर रोशन करती है.
आपको हर गलत कार्य करने से रोकती है.
अगर आप अकेले हो तो आपको पत्नी होने के बावजूद, आपको बहन भाभी माँ के जैसा प्यार देती है.
आपकी salary कम हो, तो भी वो चूं तक नहीं करती.
आपके बुरे वक़्त में, दुःख दर्द में साथ देती हैं
बीमार होने पर आपको बच्चे से भी बढ़कर प्यार देती हैं.
आपका पूरा घर परिवार सम्भालती है.
फिर भी कई बेशर्म लोग कहते हैं कि पत्नी बुरी होती है, गलत होती है, टोकती है
अरे, अगर आप
गलत काम करोगे तो आपको टोकेगी ही न ?
इसमें बुरा क्या है ?
इसमें फायदा किसका है?
आपका ही न ?
फिर आपकी पत्नी गलत या बुरी क्यों ?
पत्नी कोई लड्डू नहीं है पर
खुदा की वो नहिमत है, खुदा की वो अनमोल देन है, जो नसीब वालों को ही मिलती है
अगर आप शादी शुदा हैं
तो खुद को खुशकिस्मत समझिए, भाग्यवान समझिए
कि कोई तो आपकी care करने वाला है.
कोई तो आपका साथ देता है
वरना हमे  मम्मी पापा
के बाद, आपको कौन पूछेगा
भाई, हिसांब कीजिये, कितने घर के भाई आज कल एक साथ रहते हैं,
आपकी बहन, जो शादी के बाद, ससुराल चली जायेगी
पत्नी नहीं तो अकेले ही रहोगे, पागल हो जाओगे,
खुद के बाल नोचने लगोगे.
बीमार होंगे, बिस्तर  पर होंगे तो कोई पूछने नहीं आएगा.
इसलिए हमेशा
पत्नी की इज्जत करें,
पत्नी को हर ख़ुशी दें
पत्नी बुरी नहीं बहुत ही भोली होती हैं, आपका हमसफ़र
आपकी जीवनसाथी
आपके दुःख सुख का साथी.
उम्मीद करते हैं
शादी शुदा लोग खुद को भाग्यवान समझेंगें, और अपनी पत्नी से कभी भी गलत बात या गलत व्यवहार नहीं करेंगें
पत्नी को लड्डू नहीं कहेंगें
क्योंकि पत्नी के सिवा
आपका घर नहीं संसार नहीं
और आप पत्नी के साथ के बिना, कुछ भी नहीं
कुछ भी नहीं:- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से

शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

बेणिया का बास की घिसी मेघवाल की दर्द भरी दासतांन जो हर किसी की आँखे नम हो जायेगी

दिनांक 06/09/2017 की खास रिपोर्टिंग
नवरत्न मन्डुसिया की कलम से --//-- ये है मेघवाल समाज की घिसी (उम्र 25 साल )यह राजस्थान प्रांत के सीकर जिले के दाँतारामगढ़ और सुरेरा के पास मन्ढा ग्राम पंचायत के बेणिया का बास की घटना है इस पोस्ट मे दो तस्वीर है वो तस्वीर घिसी मेघवाल की है यह दर्दभरी दासतांन मे जो आप  इस लड़की को देख रहे हो यह 25 वर्ष की है जो अपने माता पिता के इकलौती संतान है और जन्म से ही मंदबुद्धि है स्वयं ना कुछ खा पाती है ना पी पाती है बस लेटी रहती है इसके पिता स्वर्गीय श्री जालू राम जी मेघवाल उम्र 55 वर्ष जिनका बड़ी ही बेरहमी से 2 सितंबर 2017 को निर्मम हत्या कर दी गई थी और अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया आज दिनांक 6 सितंबर 2017 को निवास स्थान ग्राम बेनिया का बास ग्राम पंचायत मन्ढा  सुरेरा तहसील दांतारामगढ़ जिला सीकर राजस्थान के घर पर मैंने स्वयं जाकर जब यह स्थिति देखी तो आंखे नम हो गई सर्व समाज ग्रामीण लोग वहां उपस्थित थे थानाधिकारी मारोठ  एडिशनल SP डीडवाना SP नागौर घटनास्थल पर मौका मुआयना करने आए हुए थे और ग्रामीणों से अनुरोध कर रहे थे आप किसी को भी कोई भनक लगे तो बेझिझक हमारे तक अवश्य पहुंचाएं हम भी अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं जल्दी ही इसका खुलासा हो जाएगा और आरोपी  हमारी गिरफ्त में होंगे इस समय मेरे पिता जी ईश्वर चंद जी मन्डुसिया व  उपस्थित महानुभाव रिटायर्ड सेशन जज श्रीमान जी एल कालोया साहब,एडवोकेट जितेन्द्र डाणियाँ जिला उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा सीकर, श्री प्रहलाद सहाय वर्मा पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं अनुसूचित जाति मंडल अध्यक्ष दांतारामगढ़,एवं ग्राम पंचायत मंढा के सरपंच प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह, वह ग्राम पंचायत सुरेरा के उपसरपंच जयवीर सिंह, प्रेस रिपोर्टर प्रह्लाद बरवड़ दिव्या आर्ट स्टूडियो, व नवरत्न मन्डुसिया सुरेरा,समाज सेवी दयाल चंद मन्डुसिया जालुन्ड जीतू वर्मा जालुन्ड  तथा सेकडों लोग  सर्व समाज के लोग उपस्थित थे और प्रशासन को 8 सितंबर शाम तक का समय दिया है 9 सितंबर को सुबह 9:00 बजे दांतारामगढ़ मैं सर्व समाज द्वारा आक्रोश रैली महापड़ाव चक्का जाम अनिश्चितकालीन समय तक जब तक मुजरिमों को हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। नवरत्न मन्डुसिया की घिसी के परिवार की आँखो देखी घटना से अवगत करवा रहा हूँ इनके पापा की हत्या हो गयी थी। घिसी मेघवाल के घर मे इनकी माँ और स्वयं घिसी है घिसी तो कूछ बोल नही सकती कूछ खा नही सकती
और किसी को पहचान नही सकती बस आने जाने वालो को देखती रहती है अपनी मासूम टपकती आँखो से
जो भी घिसी की तरफ़ देखता है तो उनकी आँखे नम हो जाती है और घिसी का परिवार बहूत ही गृह और बी.पी.एल.परिवार से है केवल एक छोटा सा कमरा है उस कमरे मे रहते है घिसी के पिता जी जालू राम जी एक साधारण व्यक्ति थे बस अपने काम से काम रखते थे किसी से कोई रंजिश भी नही थी जालू राम मेघवाल का व्यवहार जाटों मे कूमावतो मे खटीकों मे ब्राह्मण समुदाय मे राजपूत समुदाय मे रेगर समुदाय मे स्वामी समाज मे हरिजन समाज मे मीणा समाज मे जेन समाज मे मुस्लिम समुदाय मे सभी मे अच्छा व्यवहार था सभी लोग जालू राम मेघवाल को सही ही बताते है सब कहते है क्यों मारा जालू राम मेघवाल को
सभी लोगो को बहूत ही दुःख है अब आसपास के गाँवों के लोगो को एक ही बात सटा रही है अब मंदबुधि बेटी घिसी की साल सम्भाल कौन करेगा घिसी की माँ है वो भी ज्यादा तर बीमार रहती है घर मे खाने के लिये कूछ भी बंदोबस्त नही है अभी तक घिसी के पिता बेणिया का बास के जालू राम मेघवाल के हत्यारों का पता तक नही लगा दिनांक 06/09/2017 को जब घिसी के घर गया तो यह नजारा देखने को मिला बहूत ही दर्द भरी दासतांन है घिसी के परिवार की मेरा कहना है की हम सब सर्व समाज यदि आगे आयेंगे तो हम घिसी के पिता के हत्यारों को पकड़वाने मे पुलिस की मदद कर सकते है जालू राम मेघवाल के केवल एक ही बेटी है वो है घिसी
यदि हम इन हत्या को देखे तो मानव जाति की लगभग
इंसानियत समाप्त हो चुकी है समाज मे कई मोड़ आते है लेकिन जो  मोड़ आते है वो एक दम नकारात्मक आते है।:- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से

सोमवार, 4 सितंबर 2017

रेनवाल नांदरिया मे बलाई समाज का विशाल राज्य स्तरीय नि: शुल्क विवाह सम्मेलन दिनांक 24/11/2017 को होगा


आग्रह 
(विधवा/तलाकशुदा/परिक्यक्ता एवं बेसहारा तथा विधवाओं की बेटीयों के भी आवेदन स्वीकार्य हैं)
*भीमा का सपना पाक्षिक समाचार पत्र* की प्रथम वर्षगांठ पर 24 नवम्बर 2017 को ग्राम नांदरिया, किशनगढ़ रेनवाल, जिला जयपुर में होने जा रहा हैं |
इसमें आप सभी का सहयोग और साथ आवश्यक है | आप भी इस सामाजिक कार्य के भागी बने और हमें सहयोग करें, आप नकद या चैक या सीधे हमारे बैंक खाते में आर्थिक सहयोग कर रसीद प्राप्त कर सकते हैं |
बैंक डिटेल:
*Current A/c no.: 83045625399*
*(IFSC CODE: SBIN0RRMRGB)*
*राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक, काँटा, झोटवाडा, जयपुर 302012 (राज.)*
*चैक BHIMA KA SAPNA नाम से बनाने की कृपा करें|*
आप हमारे रजि कार्यालय मे चैक भेजकर विवाह स्थल से रसीद प्राप्त कर सकते हैं |
कार्यालय पता:-
प्लाट नं बी-89, तारानगर, झोटवाडा, जयपुर 
आप सभी समाज प्रेमीयों से विनम्र अनुरोध हैं कि आप अपनी इच्छानुसार इस सामाजिक पुनित कार्य के सहयोगी बनें|

                     *सम्पर्क सूत्र* 
               *श्रीमती मीना वर्मा*
                      *संपादक*
               
               *सुरेश कुमार वर्मा*
               *प्रधान सम्पादक*
                *9782468330*
*भीमा का सपना पाक्षिक समाचार पत्र*



दाँतारामगढ़ के भामाशाह सम्पर्क करे 
प्रचार मंत्री :- नवरत्न मन्डुसिया 
बलाई समाज विवाह आयोजन मंडल रेनवाल
 (जयपुर राजस्थान )
9929394143
E-Mail
 navratnamandusiya@gmail.com

गुरुवार, 31 अगस्त 2017

राजस्थान प्रांत के नागौर के पूरण मल मेघवाल ने विपरीत परिस्तिथियों के साथ चुनाव जीता था


नवरत्न मन्डुसिया की कलम से  आज मे एक गरीब युवा नेता की कहानी आपके सामने बताने जा रहा हूँ  पूरण मल मेघवाल राजस्थान प्रांत के एक दलित समुदाय से अपना लिंक रखते है और दलित होने पर भी बहूत गर्व महसूस करते है और मेघवाल की सबसे खास बात यह है की यह मानवता पर विश्वास रखते है और सर्व समाज को अग्रणी मानते है पूरण मल मेघवाल नागौर के नावा तहसील के डेड्या क बास के रहने वाले है प्राराम्भीक शिक्षा अपने गाँव से की और जब कॉलेज आये तो इन्होने बी.ए की पढ़ाई की और साथ साथ जोधपुर टेक्निकल के कॉलेज से आई.टी.आई विधुतकार से की वेसे पूरण मल मेघवाल का सपना टेक्निकल लाइन मे जाने का था लेकिन जब इनको कॉंग्रेस पार्टी ने जिला परिषद का टिकट दे दिया तो इनका ध्यान गरीबो की सेवा करना और सर्व समाज को साथ मे लेकर चलना आदि मे हो गया है  पूरण मल मेघवाल की राजनीति गतिविधिया छात्र जीवन से ही थी  पूरण मल मेघवाल वर्तमान मे राजस्थान प्रांत के नागौर जिले के जिला परिषद सदस्य है और नावा यूथ कांग्रेस महासचिव विधानसभा क्षेत्र नावा है तथा समाज को भी साथ मे लेकर चलने के कारण मेघवाल विकास समिति राजस्थान नागौर के प्रभारी भी है ।किसान परिवार के एक छोटे से गांव ‘डेड्या का बास नागौर ’ के इस लड़के ने बहुत लंबा सफर तय किया है।

बचपन में ही पूरण मल मेघवाल  ने अपने घर परिवार और समाज का साथ दिया है परिवार का गुजर बसर चलाने के लिए पूरण मल मेघवाल  ने अपनी मां के साथ खेती की, हल चलाया, जंगल से लकड़ी लाए और पशु पालन किया। इससे किसी तरह घर का गुजारा चल सका। घर के सारे काम करते हुए गांव के पास ही के स्कूल में पूरण मल मेघवाल  ने पढ़ाई लिखाई की।

गाँव के कई सारे बच्चों के तरह पूरण मल मेघवाल  कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए गाँव के पास कॉलेज  गए। लेकिन परिवार की हार्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि बगैर काम किए वो पढ़ सकें। उन्होंने कुछ दिन राजस्थान में गुजारे। जब कोई काम नहीं मिला,तो अपने खेत खलीयान को ही सबसे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग समझा  जिससे गुजारा चल सके, तो मजबूरन बी.ए की पढ़ाई तो जेसे तेसे की लेकिन जीवन का एक ही उद्देश्य मानते हुवे कभी हार नही मानी पूरण मल मेघवाल के दो दोस्तो ने भी पूरण मल मेघवाल की बहूत सहायता की और हर दुःख सुख मे महत्वपूर्ण योगदान दिया पूरण मल मेघवाल आज भी दो दोस्तो पर बहूत विश्वास रखते है वे है मिन्डा देवली के पेशे से अध्यापक नाथूराम वर्मा और दूसरा दोस्त घरवाणी के पेशे से सरकारी मेडिकल लाइन के सुरेश बेसरवाड़ीया (मेघवाल) है पूरण मल मेघवाल को राजनीति क्षेत्र मे आगे बढ़ने के लिये हमेशा प्रेरित करते रहते है  और पूरण मल मेघवाल हमेशा ही सर्व समाज को साथ लेकर चलने वाले युवा नेता है पूरण मल मेघवाल जब खेती का काम करने लगे तो इनके पिताजी को बहूत गर्व महसूस हुवा और बाद मे पूरण मेघवाल के पिता जी भी अच्छी नौकरी मिल गयी थी और धीरे धीरे इनकी आर्थिक स्थिती भी मजबूत होती गयी आज वर्तमान मे पूरण मल मेघवाल के परिवार की आर्थिक लिंक बिल्ट बहूत मजबूत हो गया है अब वर्तमान मे पूरण मल मेघवाल समाज सेवा करते है और गरीबो को सहायता करते रहते है
गांव में रहते हुए भी पूरण मल मेघवाल राजनीतिक समझ रखते थे और स्थानीय मुद्दों को लेकर बहुत मुखर थे।वहीं दूसरी तरफ उनके करीबी रहे मिन्डा के नाथूराम वर्मा और घरवाणी के सुरेश कुमार वर्मा (मेघवाल) बताते हैं कि के शुरू से ही राजनीति मे अव्वल रहे है वहीं से उन्होंने राजनीति की बारिकियों को समझा। नागौर सेजिला परिषद सदस्य का भी उनके लिये चुनौती बन गयी थी लेकिन अपने आप पर पूरा विश्वास करके चुनाव  की तैयारियों की जिम्मेदारी भी ली और चुनाव भी लड़े और जीते भी थे यही वजह थी जब पहली बार पूरण मल मेघवाल  ने  चुनाव  लड़ा उस वक्त उनका नारा था नागौर की तर्ज पर विकास ही मेरा परम धर्म है चुनावों में नावा  विधानसभा सीट के कई गांवों का दौरा पूरण मल मेघवाल  और उनके समर्थकों ने पैदल चलकर किया। चुनावों  में जहां जहां पूरण मल मेघवाल  पैदल गए थे, और थोड़ी गाडियो का भी प्रयोग किया  उन्होंने अपने  क्षेत्र के विकास के लिए एक जिला परिषद सदस्य  रहते हुए हर संभव प्रयास करने का सच्चा वादा भी किया और आज वर्तमान समय मे निभा भी रहे है
शायद यही वजह है नाँवा क्षेत्र में पूरण मल मेघवाल  सबसे अधिक लोकप्रिय नेता हैं और उन्हें अपार जनसमर्थन प्राप्त है। आने वाले सालों में पूरण मल मेघवाल नाँवा विधानसभा और नागौर  लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं।और  कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। पूरण मल मेघवाल जैसे साधारण आदमी का नेता बन जाना किसी चमत्कार से कम नही है :- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से

बुधवार, 30 अगस्त 2017

नांदरिया रेनवाल मे होगा बलाई समाज का राज्य स्तरीय निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन

बलाई समाज का राज्य स्तर पर निःशुल्क सामूहिक  विवाह सम्मेलन का आयोजन राजस्थान राज्य के जयपुर जिले के समीप  किशनगढ़ रेनवाल के पास नांदरिया प्रतापपूरा स्टेंड मे 24/11/2017 को किया जायेगा  इस सामूहिक विवाह सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बलाई समाज की गरीब बेटियों की शादी करना है भीमा का सपना के सम्पादक श्री सुरेश कुमार वर्मा की अगुवाई मे होगा
बलाई समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन के उद्देश्य

1. बलाई समाज का राज्य स्तर निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन 
2. वरिष्ठ दम्पतियो का सम्मान 
3. प्रतिभावान महानुभावों का सम्मान (शिक्षा खेल समाज सेवा और नवनियुक्त प्रशासनिक सेवा मे)
4. मेघावी छात्र छात्राओं का सम्मान (माध्यमिक और उच्च माध्यमिक मे 70% से अधिक अंक लाने पर)
 बलाई समाज को फिजूलखर्ची से बचाने के लिए इस विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया. वहीं समाज के लोगों में भी सम्मेलन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिलेगा
इस सामूहिक विवाह सम्मेलन पूरी रीति-रिवाजों के साथ जोड़े परिणय सूत्र में बांधेंगे सम्मेलन में जो जोड़े विवाह बंधन में बांधेंगे  वह गरीब परिवार के साथ समर्थ परिवार के भी होंगे
सुरेश कुमार वर्मा और सामूहिक विवाह सम्मेलन के प्रचार मंत्री नवरत्न मन्डुसिया व गौरव लाडना ने बताया कि सम्मेलन में हजारों लोग हिस्सा लेंगे  वहीं इस सम्मेलन में बलाई  समाज की सभी संस्थाओं समाज सेवकों भामाशाह आदि योगदान देंगे

बुधवार, 9 अगस्त 2017

मेघवाल समाज का लाडला नरेन्द्र वर्मा बासडी (सीकर) 18 बार रक्तदान करने पर जिला स्तर सम्मानित

नवरत्न मन्डुसिया कि कलम.से//विश्वरक्तदाता दिवस के अवसर पर सीकर जिले के युवाओं को रक्तदान हेतु प्रेरित करने वाले लगातार रक्तदान शिविरो का आयोजन करवाने व 18 बार रक्तदान करने के लिए श्री   कल्याण चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी व रक्तकोष प्रभारी डॉ. राजेन्द्र जी व सम्पुर्ण टीम द्वारा सम्मान प्राप्त सीकर के सम्मीप बासडी निवासी नरेन्द्र वर्मा  ने सम्मान प्राप्त किया मेघवाल समाज के युवा नरेंद्र वर्मा का उदेश्य रक्त दान को सर्वप्रमुख मानते है नरेन्द्र वर्मा कहते है कि 
रक्तदान श्रेष्ठ दान है। श्रेष्ठ कर्म है तथा प्रत्येक इंसान को इंसानियत की खातिर अपने जीवन में रक्तदान करना ही चाहीये मेघवाल समाज मे जन्मे नरेन्द्र वर्मा अबतक लगभग 18 बार रक्तदान कर चुके हैं। नरेंद्र वर्मा का कहना है कि उनका रक्त जब किसी विपत्तिग्रस्त रोगी की धमनियों में पहुंच कर किसी को संकट से उबारता है या किसी की प्राण रक्षा होती है तो उन्हें बहुत सुकून मिलता है। इससे उन्हें रक्तदान करने की पुन: प्रेरणा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि 'जीना तो है उसी का जिसने यह राज जाना, है काम आदमी का औरों के काम आना' इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से शरीर को कोई हानि नहीं होती और रक्तदाता का शरीर थोड़े ही समय में इसकी भरपाई कर लेता है। और हमे रक्तदान कर लेना चाहिये नरेंद्र वर्मा सीकर के डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी जिला शाखा सीकर के महासचिव है सीकर के आसपास जब कोई भी कार्यक्रम होता है तो नरेन्द्र वर्मा उसमे बढ़ चढ़कर भाग लेते है ।तथा  मुख्य वक्ता  के रुप मे नरेंद्र वर्मा कहते है कि । जीवन मे रक्तदान करना चाहिये जिसमे किसी कि जिंदगी बचा सके और नरेन्द्र कहते है कि ये बात ज्यादा लोगों को नहीं मालूम कि नियमित रूप से ब्लड डोनेशन करने से आयरन लेवल ठीक बना रहता है. शरीर में आयरन बढ़ जाए तो ऑक्सीडेटिव डैमेज होता है, जिससे टिशू डैमेज होता है. ब्लड डोनेट करने से न सिर्फ शरीर में आयरन की मात्रा ठीक बनी रहती है बल्कि ये दिल की बीमारियों से भी बचाव करता है. ये वक्त से एजिंग होने, स्ट्रोक आने और हार्ट अटैक से बचाव करता है है कारण हमे रक्तदाता बनकर रक्तदान करना चाहिये। अभी वर्तमान मे  सीकर मे 26 जनवरी 2017 (68 वें गणवतंत्र दिवस) पर लाडले नरेन्द्र वर्मा को 18 बार रक्तदान करने व जिला स्तर पर स्वैछिक रक्तदान को बढावा देने के लिए जिला स्तर पर सम्मानित करते राजस्थान सरकार के राज्य चिकित्सा मंत्री श्री बंशीधर बाजिया , जिला प्रमुख सुश्री अपर्णा रोलन(मेघवाल) सीकर सांसद स्वामी सुमेधानन्द जी सरस्वती जी, यू० आई० टी० चेयरमैन श्री हरिराम जी रणवां सीकर विधायक श्री रतन जी जलधारी ,विधायक श्री गोविन्द जी डोटासरा, जिला कलेक्टर श्री के० बी० गुप्ता सहित गणमान्य नागरीको कि उपस्थति मे मेडल देकर सम्मानित किया गया नरेन्द्र वर्मा सीकर जिले सहित अन्य जिलों मे अच्छी पकड़ बना रखी है तथा समाज मे भी बहूत बड़ा योगदान है :- नवरत्न मन्डुसिया कि कलम से 
नरेन्द्र वर्मा को सम्मानित करते हुवे 

मंगलवार, 8 अगस्त 2017

समाजसेवी पुखराज दिवराया मारवाड़ क्षेत्र सहित राजस्थान मे रक्तदाता के नाम से पहचान बनी

नवरत्न मन्डुसिया की कलम से✅✅//  राजस्थान प्रांत के युवा अब बहूत ही चंचल और समाज सेवी बन रहे है इनमें इतना जोश की यह किसी भी काम के मुकाम को हासिल किये बिना पीछे नही हटते है आइये आज हम एक ऐसे युवा की जीवनी पर प्रकाश डालेंगे जिसमे हर समाज को गर्व महसूस होगा की की मेघवाल समाज मे भी ऐसे जीनियस युवा मेघवाल समाज मे जन्म ले चुके है मारवाड़ क्षेत्र के जोधपुर जिले मे जन्मे पुखराज दिवराया एक सकरात्मक सोच वाले अम्बेडकरवादी युवा है जो की सभी समुदायों मे हेल्पर पुखराज के नाम से जाना व पहचाना जाता है वर्तमान मे पुखराज की उम्र केवल 25 साल है लेकिन इतनी कम उम्र मे बड़े बड़े समाज हित मे तो केवल बाबा साहेब के अनुयायी ही कर सकता है पुखराज मेघवाल की शिक्षा बी.ए.  एम॰ ए. और पत्रकारिता है आजाद भारत मे हमे कम ही लोग मिलेंगे की जो बिना स्वार्थ काम करेंगे पुखराज दिवराया के पिता जी घीसू लाल जी है और माता का नाम चम्पा देवी जी है पुखराज वर्तमान मे रोयल्टी नाका बालसमंद मन्डोर रोड रहते है पुखराज मेघवाल पेशे से बिजनेसमैन है और बिजनेस के साथ साथ समाज सेवा मे ही हमेशा आगे रहते है मे नवरत्न मन्डुसिया मेघवाल समाज के युवा साथी बहूत गर्व महसूस करता हूँ की आज के ज़माने मे भी ऐसे युवा है जो समाज सेवा मे अव्वल आ रहे है पुखराज मेघवाल मानवाधिकार एवम न्याय आयोग (ट्रस्ट) के राजस्थान प्रांत के प्रदेश संयोजक के पद पर भी विराजमान है और पूर्व मे कॉलेज के अध्यक्ष पद पर भी विराजमान हो चुके है पुखराज दिवराया ने प्रथम प्रयास मे रक्तदान शिविर लगाकर मेघवाल समाज से 100 यूनिट की व्यवस्था की है और लगभग 1500 लोगो की सहायता भी कर चुके है मेघवाल समाज के युवाओं को आगे बढ़ने के लिये दिनप्रतिदिन प्रेरित करते रहते है इस रक्त दान और रक्त दाता के नाम से पहचान बन गयी है पुखराज मारवाड़ क्षेत्र सहित राजस्थान प्रांत मे बहूत जोरों शोरो से रक्तदाता के नाम से दिनप्रतिदिन पहचान बन रही है तथा इनके अलावा समाज सेवा मे बहूत रुचि रखते है पुखराज मेघवाल ने भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र मे डॉक्टर भिव राव अम्बेडकर की मूर्ति लगवाई है और लगभग 21 मूर्तियों को लगाने का संकल्प लिया है पुखराज दिवराया बेटी बचावो बेटी पढ़ोओ कार्यक्रम करवाते है जिसमे बेटियाँ समाज मे पढ़ लिख कर भारत देश का भविष्य बनेगी पुखराज मेघवाल के उद्देश समाज मे व्याप्त कुरुतीयो को मिटाना है तथा समाज हित मे कार्य करना है पुखराज मेघवाल हमेशा गरीबों की सहायता करने मे बहूत ही तत्पर रहते है और सामूहिक विवाह सम्मेलनों मे भी बहूत बार भाग लेकर  समाज  हित मे काम किया है पुखराज दिवराया भाईचारे मे बहूत ज्यादा विश्वास करते है और कहते है यदि हम लोग भाईचारे की भांति रहेंगे तो हम हर समाज को आगे बढ़ा सकते है :- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से
पुखराज दिवराया को सम्मानित करते हुवे समाज बंधु 

नवरत्न मन्डुसिया

खोरी गांव के मेघवाल समाज की शानदार पहल

  सीकर खोरी गांव में मेघवाल समाज की सामूहिक बैठक सीकर - (नवरत्न मंडूसिया) ग्राम खोरी डूंगर में आज मेघवाल परिषद सीकर के जिला अध्यक्ष रामचन्द्...