शुक्रवार, 21 जुलाई 2017

भाई बहन का पवित्र रिश्ता होता है रक्षाबंधन :- नवरत्न मन्डुसिया


नवरत्न मन्डुसिया की कलम //हमारे समाज मे रक्षाबंधन का त्योहार बहूत जोरों शोरो से मनाया जाता है वास्तव मे मुझे ये रक्षाबंधन का त्यौहार आता है तो मुझे बहूत गर्व महसूस होता है की मे भी मेरी प्यारी बहन से राखी अपनी कलाई पर बँधवाऊ दोस्तो मे नवरत्न मन्डुसिया आपको एक एक भाई बहन के पवित्र रिश्ते के बारे मे बताने जा रहा हूँ दोस्तो सर्वप्रथम मे आपको यह कहना चाहता हूँ की भाई बहन का प्यार दुनिया का सबसे बड़ा रिश्ता होता है और हमे इस पवित्र रिश्ते को निभाकर एक सच्चा भाई का प्रतीक दर्शाना चाहिये दोस्तो जब मे छोटा था तो हमारे घर मेरी भूवा जी आती थी राखी बाँधने के लिये तो हम चार भाई सर्व प्रथम राखी मे बँधवाउंगा की होड़ करते थे मेरे पाँच भुवाजी है सब भूवा जी आती तो हमारे हाथो मे बहूत सारी राखियां हो जाती है और अब एक बहन है अब वो भी राखी बांधती है हमारे सुरेरा गाँव मे राखी का त्यौहार बहूत बड़ी धूम धाम से मनाते है हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन  का त्योहार मनाया जाता है। इसे आमतौर पर भाई-बहनों का पर्व मानते हैं लेकिन, अलग-अलग स्थानों एवं लोक परम्परा के अनुसार अलग-अलग रूप में रक्षाबंधन का पर्व मानते हैं। और लोग एक दूसरे का अच्छा सम्मान भी करते है ,
वैसे इस पर्व का संबंध रक्षा से है। जो भी आपकी रक्षा करने वाला है उसके प्रति आभार दर्शाने के लिए आप उसे रक्षासूत्र बांध सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने रक्षा सूत्र के विषय में युधिष्ठिर से कहा था कि रक्षाबंधन का त्योहार अपनी सेना के साथ मनाओ इससे पाण्डवों एवं उनकी सेना की रक्षा होगी। श्रीकृष्ण ने यह भी कहा था कि रक्षा सूत्र में अद्भुत शक्ति होती है। रक्षाबंधन से सम्बन्धित इस प्रकार की अनेकों कथाएं हैं।
(नोट :- आजकल लोग एैसी कहावतों पर कम विश्वास करते है )रक्षाबंधन के दिन सुबह भाई-बहन स्नान करके भाईबहन एक दूसरे का इंतजार करते है  इसके बाद रोली, अक्षत, कुंमकुंम एवं दीप जलकर थाल सजाते हैं। इस थाल में रंग-बिरंगी राखियों को रखकर उसकी पूजा करते हैं फिर बहनें भाइयों के माथे पर कुंमकुंम, रोली एवं अक्षत से तिलक करती हैं।
इसके बाद भाई की दाईं कलाई पर रेशम की डोरी से बनी राखी बां धती हैं और मिठाई से भाई का मुंह मीठा कराती हैं। राखी बंधवाने के बाद भाई बहन को रक्षा का आशीर्वाद एवं उपहार व धन देता है। बहनें राखी बांधते समय भाई की लम्बी उम्र एवं सुख तथा उन्नति की कामना करती है। और भाई अपनी बहन द्वारा बाँधी गयी राखी के पवित्र बंधन की रक्षा करने का अपनी बहन को वचन भी देता है  जिन  लोगों की बहनें नहीं हैं वह आज के दिन किसी को मुंहबोली बहन बनाकर राखी बंधवाएं तो शुभ फल मिलता है। इन दिनों चांदी एवं सोनी की राखी का प्रचलन भी काफी बढ़ गया है। चांदी एवं सोना शुद्ध धातु माना जाता है अतः इनकी राखी बांधी जा सकती है लेकिन, इनमें रेशम का धागा लपेट लेना चाहिए। क्यों की राखी तो मौली की ही सबसे पवित्र मानी जाती है  इस लिये हमे राखी मौली की ही बंधवानी चाहिये :- नवरत्न मन्डुसिया की कलम से

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