शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017

भीम प्रवाह' समाचार-पत्र का उद्देश्य बहुजन मीडिया को मजबूती प्रदान करना हैं - बरवड़

आज मीडिया की ताकत को हर व्यक्ति जानता है। जिसने मीडिया की ताकत को पहचान लिया और उपयोग कर लिया तो समझो उसने अपना मिशन जीत लिया। हमारे लोग मनुवादी मीडिया, मनुवादी मीडिया चिल्लाते रहते हैं। लेकिन ये तो सोचिए आप अपने मीडिया ( बहुजन सामाजिक मीडिया) के लिए कुछ कर रहे हैं या बस मनुवादी मीडिया पर ही अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। मनुवादी मीडिया अपना काम कर रहा है और बहुजन समाज का तबीयत से बैंड बजा रहा है।
समझ में यह नहीं आ रहा है कि हम हमारे अपने बहुजन सामाजिक मीडिया ( प्रिंट,  इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) को सपोर्ट क्यों नहीं कर रहे हैं ? क्या कारण है कि हम अपना मीडिया तंत्र विकसित करने में आपना योगदान नहीं दे रहे हैं ? मनुवादी मीडिया को गाली देने से कुछ नहीं होगा। आप अपना मीडिया विकसित करें। कौन रोकता है ?
हमारे इतने झुझारू समाज बंधु सामाजिक समाचार पत्रों, पत्रिकाओं,चैनलों का प्रकाशन, प्रसारण कर रहे हैं लेकिन हम उन्हें अपना सपोर्ट नहीं दे रहे हैं। हम केवल हमारे अपने संपादक, प्रेस रिपोर्टर की बुराई करने में आगे रहते हैं लेकिन मनुवादी मीडिया के सामने हमारी घिग्घी बंध जाती है।
बहुजन मीडिया की कड़ी के रूप में राजस्थान के सीकर जिला मुख्यालय से प्रकाशित सामाजिक न्याय को समर्पित
 'भीम प्रवाह' पाक्षिक समाचार - पत्र शोषण अन्याय व अत्याचार के विरूध्द गरीब कमजोर वर्ग की आवाज बुलंद करने का मुख्य वाहक माना जाता है। भीम प्रवाह पाक्षिक समाचार-पत्र की स्थापना 1 सितंबर 2015 को हुई। समाचार- पत्र आर्थिक,सामाजिक व राजनैतिक सहित विभिन्न झंझावतों को झेलते हुए वर्ष 2017 सितंबर माह में अपने सफलतम तीन वर्ष का मुकाम तय करेगा।
इसके सम्पादक मेघवाल समाज में जन्मे बीरबल सिंह बरवड़ जो कि राजस्थान प्रांत के सीकर जिले की श्रीमाधोपुर तहसील के ग्राम लापुवां के निवासी है। आपकी किसी से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नही है, लड़ाई है तो अत्याचार व जुल्म से है क्यों की यह गरीबो पर जुल्म अत्याचार होते हुए नही देख सकते। पीड़ित को न्याय दिलाने में मीडिया की मुख्य भूमिका रहती है। अत: इस सोच को मूर्तरूप देने के लिए उन्होंने एक समाचार - पत्र के प्रकाशन का मानस बनाया। जो कि आज हम भीम प्रवाह के रूप में देख रहे हैं। लेखन के क्षैत्र में सदा से ही आपकी रूचि रही है। विभिन्न सामाजिक पत्र - पत्रिकाओ के आपकी रचनाएं पिछले 15 वर्षों से लगातार प्रकाशित होती रहती हैं।
संपादक बरवड़ बताते है कि 'भीम प्रवाह' समाचार-पत्र का मुख्य उध्देश्य गरीबो को न्याय दिलाना कमजोर वर्गों को साथ देना और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर के आदर्शों व उनकी विचारधारा को आमजन तक पहुंचाना और लागू करवाने में अपनी भूमिका अदा करना है ।

'भीम प्रवाह' समाचार-पत्र का माध्यम

समाचार-पत्र सूचनाओं व मानवीय संवेदनाओं के आदान-प्रदान का प्रमुख स्तंभ है । इसका इतिहास अपेक्षाकृत प्राचीन है । प्राचीन काल में यह क्षेत्र विशेष तक ही सीमित था परंतु छपाई की कला में नित नए अन्वेषणों व इसकी उपयोगिता को देखते हुए समाचार-पत्रों में समय के साथ व्यापकता आई हैं। आज के जमाने मे समाचार-पत्रों की व्यापकता इतनी अधिक हो गई है कि ये जन-मानस का प्रमुख अंग बन चुके हैं । तथा दिन-प्रतिदिन इनसे जुड़ाव बढ़ता ही जा रहा है । विश्वभर में अनेकों भाषाओं में समाचार-पत्र प्रकाशित होते हैं । हमारे देश में भी अधिकांश पत्र हिंदी भाषा में प्रकाशित होते हैं। आगे हमे अंग्रेजी भाषा में राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक समाचार-पत्रों के प्रकाशन की आवश्यकता हैं । इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न भागों में क्षेत्रीय भाषाओं में भी समाचार-पत्र प्रकाशित करने की जरूरत है। इस क्षैत्र में 'भीम प्रवाह' का प्रयास सराहनीय हैं। आज हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि गाँव गाँव, ढाणी - ढाणी मे 'भीम प्रवाह' को पहुंचाने हेतु सफल और सकारात्मक पहल कर  बाबा साहब अंबेडकर व बहुजन महापुरूषों की विचारधारा को घर घर पहुंचाने में अपना अपेक्षित सहयोग प्रदान करें।
'भीम प्रवाह' समाचार-पत्र प्रजातांत्रिक शासन प्रणाली के प्रमुख स्तंभों में से एक हैं । इसके माध्यम से व्यक्ति अपने भावों,अनुभवों व संवेदनाओं को समाज व राष्ट्र के सम्मुख निष्पक्ष और निर्भय होकर व्यक्त कर सकता है। समाचार-पत्र के माध्यम से किसी विशेष विषय से संबंधित लोगों का मत या उनकी राय भी जानी जा सकती है। इस पत्र के माध्यम से देश-विदेश की राजनीतिक उथल-पुथल व नेताओं के वक्तव्य आदि की जानकारी हम घर बैठे ही प्राप्त कर लेते हैं । इसके अतिरिक्त किसी राजनीतिक पहलू पर लिए गए किसी विशेष निर्णय के संदर्भ में प्रबुध्दजनो व राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा प्रस्तुत समीक्षा का भी हम अवलोकन कर सकते हैं । साथ ही साथ उस विशेष निर्णय अथवा घटना के संदर्भ में वांछित अपनी राय व अपना मत हम देश के सम्मुख रख सकते हैं ।
'भीम प्रवाह' ने कम समय में ही पाठकों के दिलों में सम्मानजनक जगह बनाई हैं। समाचार पत्र डाक सेवा से राजस्थान के हर जिले में 15 दिन से दस्तक देता है। इसके साथ ही यूपी. ,हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब , हरियाणा आदि प्रदेशों में भी समाचार पत्र के बहुतायत रूप में पाठक हैं। भीम प्रवाह सोसल मीडिया में  बहुजन समाज के समाचार पत्रों में सर्वाधिक प्रचारित अखबार हैं।



विशेष आग्रह :-
मेरा आग्रह है अपना मीडिया तैयार करें। हमारे समाज बंधु जो सामाजिक समाचारों का प्रकाशन कर रहे हैं उनका तन मन धन से सपोर्ट करें। यह कार्य जरूर करें -
1 प्रत्येक परिवार में एक ना एक सामाजिक समाचार पत्र अवश्य आये।
2. फ्री में सामाजिक समाचार पत्र मंगाने, पढने की गंदी आदत छोड़ दें। जो व्यक्ति सामाजिक समाचार पत्रों को मंगाते हैं लेकिन मासिक/वार्षिक शुल्क नहीं देते हैं ऐसे लोगों के लिए कौनसा शब्द काम में लिया जाये यह मैं शब्दकोश में ढूंढ रहा हूँ।
3. सामाजिक समाचार पत्रों/पत्रिकाओं को प्रकाशित करने वाले हमारे संपादक बहुत मेहनत से काम करते हैं। इनका उत्साहवर्धन करें। समाचार पत्र प्रकाशित करना बहुत ही मेहनत का काम है।
4. हमें इनका तन मन धन से सहयोग करना चाहिए। यदि नहीं कर सकते तो मनुवादी मीडिया से अपनी बेइज्जती कराते रहें।
5. मैं बहुजन समाज के उन लोगों से निवेदन करना चाहूँगा जो उच्च शिक्षित हैं, उच्च पदों पर बैठे हैं, सामाजिक समाचार पत्रों को सपोर्ट करें। आर्थिक सहयोग दें। इनकी ताकत बनें। यदि कोई मुफ्त में सामाजिक समाचार पत्रों को पढने की आदत रखता है तो किसी मनोचिकित्सक से उसका उपचार करायें। क्यों कि ऐसे लोग मनुवादी अखबारों को मुफ्त में पढने की हिम्मत नहीं रखते हैं।
जागो!  जागो!!  जागो!!!
अपनी आवाज जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपना मीडिया तैयार करो। ऐसा कोई अपना घर ना हो जहाँ हमारा अपना सामाजिक समाचार पत्र नहीं आता हो।
एक बात पूंछू :-
क्या आपके घर अपना सामाजिक अखबार आता है ? यदि नहीं तो अब क्या सोच रहे हो ? मंगवाना शुरू कर दो जी।
'भीम प्रवाह' समाचार पत्र की सदस्यता ( सहयोग राशि वार्षिक शुल्क 200/- त्रैवार्षिक 600/- आजीवन शुल्क 2100/-) हेतु संपादक के मो. व व्हाट्स अप नं. 07891189451 पर संपर्क किया जा सकता हैं। हम अकसर शिकायत करते हैं कि बहुजन समाज का मीडिया नहीं है। कई मौकों पर वंचित वर्ग के मीडिया की बहुत जरूरत महसूस की जाती हैं। इस हेतु भीम प्रवाह एक स्थायी व कारगर व्यवस्था साबित हो सकती हैं। 'भीम प्रवाह' का चौथे वर्ष में प्रवेश एक नई उम्मीद जगाती हैं। अत: आप सभी नौकरी पेशा कर्मचारी वर्ग, उध्द्मियो व समाज के भामाशाहों से अपील की जाती है कि आप समाचार पत्र के सफल संचालन हेतु यथा सहयोग करें।

"अपना मीडिया, अपनी आवाज।
कदम बढा ले, ऐ जांबाज।।"

*नवरत्न मन्डुसिया की कलम से*

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