शुक्रवार, 22 अप्रैल 2016

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता इंजीनियर ज्ञानचंद मेघवार पाकिस्तान के पहले दलित हिंदू सीनेटर बन चुके हैं। अल्पसंख्यकों के लिए सीनेट में 4 सीटें आरक्षित हैं, मगर वे जनरल सीट पर जीते हैं।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता इंजीनियर
ज्ञानचंद मेघवार पाकिस्तान के पहले दलित हिंदू
सीनेटर बन चुके हैं। अल्पसंख्यकों के लिए सीनेट में 4
सीटें आरक्षित हैं, मगर वे जनरल सीट पर जीते हैं।
भाषा ज्स्कञान  से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि इसमें
भारत के लिए यह एक विशेष संदेश है- कि कोटा की
बजाय राजनीति मेरिट पर ही होनी चाहिए। वे
कहते हैं, पाकिस्तान में दलितों की स्थिति भारत से
बेहतर है। यहां जो कुल चार फीसदी हिंदू हैं उनमें 80%
आबादी दलितों की हैं। यहां भी अांबेडकर जयंती
उतने ही उल्लास से मनाई जाती है जितनी कि
भारत में क्योंकि सब जानते हैं अांबेडकर का दलितों
के उत्थान में कितना योगदान है।
इंजीनियर ज्ञानचंद का सीनेट चुनाव जीतना
लोगों को किसी करिश्मे से कम नहीं लगा। पूर्व
मुख्यमंत्री अर्बब गुलाम रहीम के धुर विरोधी
ज्ञानचंद ने बताया रहीम ने मुझे जाम सादिक
आंदोलन के वक्त गिरफ्तार करवाया था। छोटे
परिवार से होते हुए मैं कभी राजनीति में आने के बारे
में सोच भी नहीं सकता था। मगर अर्बब साहब का
लाख-लाख शुक्रिया। उन्हीं की वजह से आज मैं
राजनीति का हिस्सा बन गया हूं। ज्ञानचंद के
पिता और दो बड़े भाई प्राइमरी स्कूल में शिक्षक रहे
हैंं। थारपरकार जिले के डिप्लो क्षेत्र के ज्ञानचंद ने
अपनी शिक्षा सिंध एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी
टैंडोजैम से 1990 में पूरी की। पीपीपी पार्टी से
इनका नाता करीब दो दशक पुराना है। ज्ञानचंद
कहते हैं पाकिस्तान में सिर्फ पाकिस्तान पीपुल
पार्टी (पीपीपी) ही उदारवादी है। ऐसी पार्टी
जो लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अल्पसंख्यकों
और दलितों की बराबरी के लिए काम कर रही है।
पीपीपी के कार्यकाल के दौरान यह ध्यान रखा
गया था कि सरकारी नौकरियों में दलितों के लिए
4 फीसदी आरक्षण हो। ग्यानचंद 1993 में
अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीट से स्वतंत्र
उम्मीदवार के तौर पर प्रांतीय सभा के अध्यक्ष चुने
गए।

1 टिप्पणी:

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