गुरुवार, 30 जून 2011

वार्ता: कामड़ (मेघवाल समाज)



कामड जाति मेहर या मेघ जाति की कुलगुरु मानी गयी है मेघवन्श जाति का इतिहास लेखक् स्वामी गोकुल दास ने तत्कालीन सत्य घटनाओ के आधार पर यह प्रमानीत किया है स्वामी रामप्रकाश ने रामदेव ब्रह्म्पुरान मै लिखा है कामड रामदेव आते है,कामड जाति का इतिहाश् पुस्तक के आनुसार नाथ सम्प्रदाय के कपिलानि पन्थ से कामड की उतपति मानी गयी है कामड जाति के लोग हिन्ग्लाज देवी व रामदेव के उपासना मे तेरह्ताल नृत्य करते थे जो आज बन्द हो कर लुपत हो गया है कामड जाति पर डा शीला खाऩ् डा हजारी प्रसाद् द्वेदी,डा खीर सागर्,डा चम्पा दास आदि ने शोध पत्र लिखे है

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