शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

शादियों में फिजूलखर्ची रोककर शिक्षा पर धन खर्च करने का आह्वान, विवाह के नियम हुये आसान, सामूहिक विवाह के लिए उमड़े सैकड़ों लोग

 मेघवाल समाज का ऐतिहासिक फैसला, नानी का गोत्र छोड़ने की कुप्रथा बंद, अब शादियों के लिए मिलेंगे ज्यादा विकल्प

कस्बे के टापरी रोड़ स्थित मेघवाल महिला छात्रावास में रविवार को मेघवाल विकास समिति की मासिक बैठक और सामूहिक विवाह हेतु परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह बैठक समिति के अध्यक्ष मदनलाल वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें महिला छात्रावास में पत्थर लगवाने के लिए पहले की तरह ही टुकड़ियां लगाना तय किया गया। समाज में लंबे समय से चली आ रही एक कुप्रथा को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। पहले नियम था कि जिस गांव में लड़की ब्याही है, उस गांव में लड़का नहीं ब्याहा जा सकता और जहां लड़का ब्याहा है वहां लड़की का विवाह नहीं हो सकता। इस बंधन को अब हटा दिया गया है। अब लोग ऐसे गांवों में भी रिश्ते कर सकेंगे, बशर्ते दोनों परिवारों के गोत्र अलग होने चाहिए। 


गोत्र नियमों में ढील :- रिश्तों को आसान बनाने के लिए पहले के चार गोत्रों के नियम में बदलाव किया गया है। अब नानी का गोत्र हटा दिया गया है, जिससे अब रिश्तों के लिए केवल तीन ही गोत्र टाले (छोड़े) जायेंगे। इस फैसले से लड़के-लड़कियों के लिए विवाह के विकल्प बढ़ेंगे और रिश्ते तय करने में आसानी होगी। युवक-युवती परिचय सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान सभी इच्छुक परिवारों को आवेदन पत्र उपलब्ध करवा दिए गए हैं। ये आवेदन पत्र आगामी 05 दिनों तक मेघवाल महिला छात्रावास के कार्यालय में जमा करवाए जा सकते हैं। बैठक में मुख्य अतिथि डॉ. रणजीत मेहरानिया ने समाज के लोगों से सामूहिक विवाह सम्मेलन में तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में फिजूलखर्ची रुकेगी और दहेज प्रथा पर प्रभावी प्रतिबंध लगेगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शादियों में बचने वाले धन का उपयोग बच्चों की शिक्षा और समाज के विकास में किया जाना चाहिए। अंत में जिलाध्यक्ष एड. सुबेसिंह मोरोड़िया ने आभार व धन्यवाद व्यक्त किया। संचालन प्रवक्ता चिरंजीलाल आर्य ने किया। बैठक में आर.एस. झांझरिया, रतिराम जिलोवा, हरिपाल, डॉ. डी.आर. रैवाला, रामसिंह मैनेजर, बदलूराम, रामनिवास, छोटूराम सामरिया, प्रकाश, ओमप्रकाश, गिर्राज, रामेष्वर, जयराम, रामेष्वर भगतजी, रमेशचंद्र सोठवाल, उमराव सरपंच, जगदीश मेघवाल, सागर सरपंच, कृष्ण, संजय कुमार, बलवीर वर्मा, ताराचंद्र, जीतराम, अमीरचंद, रामसिंह, सुरेश कुमार, कैलाश चंद्र समेत समाज के अनेक लोग मौजूद रहें।

नवरत्न मन्डुसिया

शादियों में फिजूलखर्ची रोककर शिक्षा पर धन खर्च करने का आह्वान, विवाह के नियम हुये आसान, सामूहिक विवाह के लिए उमड़े सैकड़ों लोग

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