सुरेरा में मेघवाल समाज की ओर से नवनिर्मित मंदिर में हवन के साथ बाबा रामदेवजी महाराज की मूर्ति सेवक हरजी भाटी, बाबा की बहन डाली बाई, सुगना बाई की मूर्तियों की स्थापना की गई। साथ ही मंदिर पर कलश स्थापित किया गया। इस कार्यक्रम में समाज महिला, पुरुष, युवक, युवतियों ने उत्साह से भाग लिया। प्रतिमाओं की स्थापना से पहले शोभायात्रा निकाली गई। इसमें समाजबंधुओं की श्रद्धा उत्साह देखते ही बन रहा था। शोभायात्रा में डीजे पर बज रहे भजनों पर समाज के युवक-युवतियां नाचते, बाबा रामदेव के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में एक रथ पर बाबा रामदेवजी महाराज सहित अन्य प्रतिमाएं, कलश विराजमान थे। समाजबंधु इन्हें चंवर ढुला रहे थे। इनके पीछे धूपड़ा, झालर लेकर समाज के युवा चल रहे थे।
शोभायात्रा
रामदेवजी मंदिर से रवाना हुई, जो गांव के प्रमुख मार्गों से होती हुई मंदिर पहंुची, जहां मंत्रोच्चार के साथ 21 हवन कुंडों में आहुतियां दिलवाई और बाबा रामदेवजी महाराज सहित अन्य मूर्तियों की स्थापना करवाई। मूर्ति स्थापना के बाद मंदिर के शिखर पर कलशारोहण करवाया तथा महाप्रसादी का वितरण हुआ।
हमारे उद्देश्य: - मेघवाल समुदाय समृद्ध सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, मानसिक और सांस्कृतिक. मृत्यु भोज, शराब दुरुपयोग, बाल विवाह, बहुविवाह, दहेज, विदेशी शोषण, अत्याचार और समाज और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर अपराधों को रोकने के लिए और समाज के कमजोर लोगों का समर्थन की तरह प्रगति में बाधा कार्यों से छुटकारा पाने की कोशिश करेंगे :- नवरत्न मन्डुसिया
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
नवरत्न मन्डुसिया
शादियों में फिजूलखर्ची रोककर शिक्षा पर धन खर्च करने का आह्वान, विवाह के नियम हुये आसान, सामूहिक विवाह के लिए उमड़े सैकड़ों लोग
मेघवाल समाज का ऐतिहासिक फैसला, नानी का गोत्र छोड़ने की कुप्रथा बंद, अब शादियों के लिए मिलेंगे ज्यादा विकल्प कस्बे के टापरी रोड़ स्थित मेघवाल ...
-
बाबा रामदेव जी महाराज मेघवाल है और इन तथ्यों से साबित होता है ॥ बाबा रामदेव जी महाराज सायर मेघवाल के ही पुत्र थे ॥ और बाबा रामदेव जी मह...
-
मेघवंश इतिहास भारतवर्ष के सभ्यता इतिहास में पुरातन सभ्यताऐं सिन्धु घाटी, मोहनजोदडो जैसी सम्पन्न सभ्यताओं के पुरातन प्राप्त अवशेषों एवं भार...