रविवार, 28 अप्रैल 2013

मेघवाल समाज विवाह सम्मेलन 19 / 04 / 2013

एक साथ हजारों लोगों का काफिला, नये नये वस्त्र धारण किये ट्रैक्टरों पर एक ही तरह की पोषाक में सहरा बांधे बैठे दूल्हे और उनके सामने बैंडबाजों की धुन पर नाचते लोग। मौका था मेघवाल समाज द्वारा आयोजित विवाह सम्मेलन के लिए निकाली गई बिंदौरी का।
मेघवाल समाज सुधार सेवा समिति द्वारा रामनवमी पर आयोजित सातवें सामूहिक विवाह सम्मेलन में वे शनिवार को गुणावती मकराना स्थित हीरालाल बरवड़ के नोहरे में  41 दूल्हों की सामूहिक बिंदौरी निकाली गई। सामूहिक विवाह सम्मेलन हर्षोल्लास एवं धूमधाम से सम्पन्न हुआ।

सामूहिक विवाह सम्मेलन में 41 जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधे

गुणावती (मकराना) 19/04/2013बहू को बेटी समझने की जरूरत है, ऐसा हमारे परिवार में होने लगेगा तो पारिवारिक झगड़ों से मुक्ति मिल जाएगी। सामूहिक विवाह से जहां सामाजिक मेलजोल बढ़ता है वहीं गरीब परिवारों को राहत मिलती है। यह बात बीकानेर सांसद अर्जुन मेघवाल ने कही। वे शनिवार को गुणावती स्थित हीरालाल बरवड़ के नोहरे में मेघवाल समाज सामूहिक विवाह समारोह समिति द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। मेघवाल ने कहा कि विवाह के बाद भी शिक्षा पर ध्यान दिया जावे और शिक्षा अर्जन करने की कोई उम्र नहीं होती है। सामूहिक विवाह से कुरीतियों का उन्मूलन होता है। इस मौके पर मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने नव विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षताकर रहे गोकुलराम इंदलिया, विशिष्ट अतिथि राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य उदयचंद बारूपाल, इरफान चौधरी, नगर परिषद आयुक्त हरिसिंह वर्मा ने विचार व्यक्त किए।


विदाई के समय परिजन हुए भावुक
सामूहिक विवाह सम्मेलन में इस बार 41 जोड़े दाम्पत्य सूत्र में बंधे। विवाह समिति ने सभी वधुओं को उपहार भी दिए। दोपहर करीब 3 बजे जब विदाई का समय आया, उस समय वधू पक्ष की महिलाओं सहित उनके अन्य परिजन भावुक हो गए। इस अवसर पर नगर परिषद के अध्यक्ष अब्दुल सलाम भाटी, अतिरिक्त जिला कलक्टर डीडवाना विश्वंभरलाल, उपखण्ड अधिकारी सैय्यद मुकर्रम शाह, अंजुमन संस्था के सदर हाजी नवाब अली रान्दड़, मेघवाल समिति के मंत्री गंगाराम ताणान, जेठाराम बनिया, तेजपाल मलिंदा, पार्षद सोहनलाल दोलिया, अब्दुल रहमान गैसावत, भंवराराम डूडी, प्रभुराम, श्याम सुंदर स्वामी, पूसाराम, दल्लाराम गांधी, नथमल बरवड़, गुलाबचंद बरवड़, संतोष पूनिया, मनोज राजौरा, उगमाराम मेघवाल, बंशी बिंझाणा, हरदीन बरबड़, घीसाराम बरबड़, गंगाराम ताणान, हरदयाल वर्मा, टीकमचंद ताणान, परसाराम माइच, हेमाराम दुस्तवा, पूर्व उपप्रधान रामचन्द्र मेघवाल, शब्बीर अहमद गैसावत, मोहम्मद अफजल भाटी आदि उपस्थित थे।

मेघवाल समाज का सामूहिक विवाह हुआ – 5 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

November 24, 2012 
मेघवाल समाज सेवा समिति की ओर से दुसरे सामूहिक विवाह का आयोजन 24 नवम्बर शनिवार को नगर परिषद् के प्रांगण में हुआ। इस विवाह समारोह की मुख्य अतिथी सभापति रजनी डांगी रही। अध्यक्षता समिति अध्यक्ष गणेश लाल मेघवाल और विशिष्ट अतिथि एडीएम प्रशासन बी आर भाटी रहे।
समिती के सदस्य प्रकाश मेघवाल ने बताया कि इस सामूहिक विवाह के आयोजन से पहले फतह स्कूल से शोभायात्रा सुबह साढे सात बजे रवना हुई जो सूरजपोल होते हुए टाउनहाल पहुची जहाँ तोरण की रस्म के बाद वर माला की रस्म पूरी हुई। मंगल फेरों के बाद स्नेह भोज का आयोजन हुआ। इस सामूहिक विवाह के आयोजन में उदयपुर सम्भाग से करीब 3-4 हज़ार समाजजन ने भाग लिया।
समिति कि ओर से पहला सामूहिक विवाह गत अप्रैल माह में सफलता पूर्वक आयोजित हुआ था जिसके बाद समिति ने दुसरे सामूहिक विवाह करवाने का निर्णय लिया। समाज में सामूहिक विवाह के आयोजन होने समाजिक बुराइयों पर अंकुश लगेगा साथ ही समाज में शिक्षा का भी विकास होगा। विवाहित जोडों ने कन्या भ्रूण हत्या को रोकने का वचन भी लिया

मेघवाल समाज के सामूहिक विवाह को लेकर गांवों में जनसंपर्क जारी

पीपाड़ शहर  (Jodhpur)
राजस्थान मेघवाल समाज न्याय मंच जोधपुर के तत्वावधान में मेघवाल समाज का चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन इस बार आखातीज के पश्चात बिलाड़ा कस्बे में आयोजित होगा। इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान जारी है। सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियों को लेकर रविवार 28 अप्रैल 2013 को पिचियाक में बैठक भी मंच के प्रदेशाध्यक्ष नटवर मेघवाल के नेतृत्व में होगी।
मंच प्रवक्ता ने बताया कि बैठक के दौरान सामूहिक विवाह में शामिल होने वाले जोड़ों की सूची को अंतिम रूप देने के अलावा विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। मंच के प्रदेशाध्यक्ष मेघवाल के नेतृत्व में विधानसभा क्षेत्र के बिसलपुर, रुड़कली, पालासनी, भटिंडा, दातीवाड़ा, बाला, डांगियावास, खातियासनी, बांकलिया, जाटियावास, बीनावास आदि गांवों में विवाह सम्मेलन को लेकर मेघवाल समाज के ग्रामीणों से जनसंपर्क करने के अलावा बैठक में भाग लेकर विवाह सम्मेलन कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की गई। विवाह सम्मेलन में 101 जोड़े शामिल होंगे। समाज के ग्रामीण लोगों से संगठित होने की अपील की गई है। जनसंपर्क के दौरान गोपाराम बिसलपुर, इंद्राराम, मोहन, मंगलाराम, बस्तीराम, मंगलाराम बांकलिया, शेषाराम, तुलसीराम, डूंगरदास, पूर्व सरपंच खेताराम, सुखाराम, बाबूलाल जयपाल, प्रतापराम नानण, जगाराम रावर, भंवरलाल खतियासनी आदि ने भी सामूहिक विवाह सम्मेलन को सफल बनाने की अपील की है।

मेघवाल समाज की कार्यकारिणी बनी

राजगढ़।(rajgarh maday pardesh)  डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में मेघवाल समाज ब्लाक नरसिंहगढ़ की बैठक जामोन्या गांव में रखी गई। इस मौके पर समाज में व्याप्त कुरीतियां, अंधविश्वास को त्यागने व समाज के महापुरुषों के बताए मार्गों पर चलने का संकल्प समाजजनों ने लिया। बैठक में ब्लाक स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। मीडिया प्रभारी राधेश्याम गौतम ने बताया कि नवीन कार्यकारिणी में अध्यक्ष पद पर जगदीश मेघवाल, उपाध्यक्ष रतिराम व सचिव पद पर अवधनारायण वर्मा को मनोनीत किया गया है। साथ ही महामंत्री बद्री प्रसाद बौद्ध, राम सिंह मेघवाल, जगदीश, संजय बौद्ध, सर्जन, शिवनारायण, महेश, बद्रीलाल संजय आदि को शामिल किया गया। बैठक का संचालन अमृत लाल दुगारिया ने किया

गुरुवार, 25 अप्रैल 2013

महान मेघवाल संत "महाचंद ऋषि "

प्रतापशाली वीरशिरोमणि प्रसिद्ध राजा "नाहड़राव "(नाहरराव)हुए हैं !इनकी राजधानी मंडोर (मंडावर) थी जिसको साधू भाषा संस्कृत में "मन्दोदरी"कहते हिं !
यह वही स्थान हैं जंहा रावण ने मन्दोदरी के साथ शादी की थी , नाहड़राव प्रसिद्ध प्रचंड वीर था जो प्रथवीराज चोहान का सामंत था !
इनके शरीर में कुष्ठ की बीमारी थी !एक समय यह नाग पहाड़ के जंगल आखेट खेल रहे थे ,संयोग से एक सूअर इनके सामने से गुजरा नाहर राव ने इनका पीछा !भागते भागते वह सूअर एक मुंजे की झाड़ी गायब हो गया !यह उन्हें ढूंढते-ढूंढते परेशां हो गये लेकिन उसका कंही पता नहीं चला !धुप और प्यास से व्याकुल होकर नाहड़राव पानी की खोज करने लगे ,अंतमें जरा से खड्डे में पानी मिला !राजा ने घोड़े से उतर कर उस पानी हाथ मुंह धोया और पानी पिया तो देखते क्या हैं, की उनके शरीर का कुष्ट दूर हो गया हैं !नाहड़ के विस्मय का ठिकाना नही रहा ,उन्होंने वंहा पर खुदवाना आरम्भ किया और काफी लम्बी छोड़ी दुरी में खुदवा दिया ,लेकिन उस गड्डे से जयादा नही आया !फिर उन्होंने काशी से पंडितो को बुला कर वंहा यज्ञ कराया ,पंडितो ने उस यज्ञमें नर बलि देने के लिए कहा !नाहड़राव ने इसकी सुचना आम जनता में करवा दी ,यह सुन कर वन्ही अजयपाल जी की धुनी के पास पहाड़ में गाये चरते हुए 'महाचंद "नामक मेघवाल ने आकर प्रसन्नता पूर्वक उस यज्ञ में परोपकरार्थ अपनी बलि दे दी !देखते ही देखते उस गड्डे में से पानी उबकने लगा और वंहा पर पानी भर गया !


नाहड़ राव ने वंहा पर वि ० स ० 1114 में तालाब खुदवा कर बंधवा दिया जो वर्तमान "पुष्कर" (राजस्थान में

अजमेर के पास ) के नाम से मशहूर हैं !ओर एक भी शुरू करवा दिया ,महाचंद गाये चराता था ,इसलिए उसके नाम से एक घाट बंधवाया ,जिसका नाम गऊ घाट हैं ! यह गऊ घाट पुष्कर के अन्य घटो में प्रशिद्ध हैं ,और सबसे पहले का हैं !इस पर आरम्भ से ही मेघवंशियो के गुरु ब्राह्मणों का अधिकार रहा हैं !बिच में अन्य ब्राह्मणों ने इस पर अपना अधिकार करना चाहा ,और कई दिनों तक आपस में झगड़ा चलता रहा !अंत में छोटुरामजी गुरु ब्राह्मण के पोते "हाथीरामजी" को अन्य पंडो ने एक रूपये के स्टाम्प पर वि ० स ० 1960 में पंचायत द्वारा राजीनामा लिख कर दे दिया ,और इस पसिद्ध गऊ घाट पर मेघवंसशी आदि अन्य 6 जातियों को भी स्नान करने और दान दक्षिणा लेने का अधिकार दे दिया !कहा जाता हैं की एक समय खींवासर(मारवाड़ )के ठाकुर साहेब यंहा स्नान करने के लिए आये थे !उन्होंने स्नान कर यहाँ गऊ घाट पर विश्राम किया !उनके सपने में आकर महाचंदजी ने अपने त्याग और बलिदान का सन्देश दिया और यह भी कहा की यदि कोई यंहा मेरी यादगार

बना दे तो उसकी मनोकामना सफल हो जाएगी !उक्त ठाकुर साहेब ने उनके बलिदान के स्थान पर एकछतरी बनवा दी ,जो गऊ घाट के सामने स्थित हैं !स्वार्थी और धर्म के ठेकेदारों ने उंच -नीच की भावना से मेघवंशियो के इस अपूर्व त्याग और गोरवमय बलिदान को नष्ट करने के लिए यह छत्री उन्ही ठाकुर की बतलाते हैं ,लेकिन काफी छानबीन और खोज करने पर पता चला हैं की वह छत्री "महाचंद" मेघवंशी पर ही बनी हैं !हाँ यह जरुर हैं की वह छत्री खींवासर के ठाकुर साहेब ने ही बनवाई हैं

adhik jankari ke liye yaha sampark kare :-- साभार -
मेघवंश इतिहास (ऋषि पुराण)
लेखक स्वामी गोकुलदासजी
अलख स्थान dumara (ajmer )
चित्र साभार   

रविवार, 24 फ़रवरी 2013

संत रवीदास के आदर्शो को अपने जीवन मे उतारे :-- नवरतन मंडुसिया

नवरतन मंडुसिया ने सुरेरा में संत रविदास जयंती समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम में मंडुसिया ने कहा कि लोग रविदास महाराज के आदर्शों एव विचारों पर चलकर अपने जीवन को धन्य बनाएं। उन्होंने मदागन के प्राकृतिक सौन्दर्य को बनाए रखते हुए उसे तीर्थ-स्थल के रूप में विकसित करने एवं उसके सौन्दर्यीकरण की योजना बनाने के निर्देश दिए।

नवरत्न मन्डुसिया

शादियों में फिजूलखर्ची रोककर शिक्षा पर धन खर्च करने का आह्वान, विवाह के नियम हुये आसान, सामूहिक विवाह के लिए उमड़े सैकड़ों लोग

 मेघवाल समाज का ऐतिहासिक फैसला, नानी का गोत्र छोड़ने की कुप्रथा बंद, अब शादियों के लिए मिलेंगे ज्यादा विकल्प कस्बे के टापरी रोड़ स्थित मेघवाल ...