सुरेरा :- भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 126 वीं जयन्ती के अवसर पर रविदास चौक मे अम्बेडकर प्रतिमा पर पुष्प चढाकर श्रृद्धासुमन अर्पित किये गये। इस अवसर पर सुरेरा गाँव के सरपंच व उपसरपंच जयवीर सिंह शेखावत तथा गाँव के सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वर चंद मन्डुसिया और प्रकाश मीना राकेश वर्मा मूल चंद पिपरालिया राजलिया दिनेश पिपरालिया राजलिया राकेश पिपरालिया राजलिया आदि ने अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हे याद किया। ईश्वर चंद मन्डुसिया कहा कि डॉ. अम्बेडकर के विचार आज भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं अब उनके विचारों को अंगीकार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर ने महिला एवं समाज के पिछडे लोगों के उत्थान की जो पहल की थी उसके लिए आने वाली पीढियां हमेशा ऋणी रहेगी। भारतीय संविधान के निर्माण में उनका योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता इस अवसर पर सुरेरा गाँव के अनेक युवा साथी और बुजुर्ग तथा बच्चे शामिल थे तथा दसवीं और बाहरवी के बच्चो ट्रोफिया देकर सम्मानित किया गया
हमारे उद्देश्य: - मेघवाल समुदाय समृद्ध सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, मानसिक और सांस्कृतिक. मृत्यु भोज, शराब दुरुपयोग, बाल विवाह, बहुविवाह, दहेज, विदेशी शोषण, अत्याचार और समाज और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर अपराधों को रोकने के लिए और समाज के कमजोर लोगों का समर्थन की तरह प्रगति में बाधा कार्यों से छुटकारा पाने की कोशिश करेंगे :- नवरत्न मन्डुसिया
शुक्रवार, 14 अप्रैल 2017
डॉ. अम्बेडकर के विचार देश के लिए आज भी प्रेरणादायक- ईश्वर चंद मन्डुसिया
सुरेरा :- भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 126 वीं जयन्ती के अवसर पर रविदास चौक मे अम्बेडकर प्रतिमा पर पुष्प चढाकर श्रृद्धासुमन अर्पित किये गये। इस अवसर पर सुरेरा गाँव के सरपंच व उपसरपंच जयवीर सिंह शेखावत तथा गाँव के सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वर चंद मन्डुसिया और प्रकाश मीना राकेश वर्मा मूल चंद पिपरालिया राजलिया दिनेश पिपरालिया राजलिया राकेश पिपरालिया राजलिया आदि ने अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हे याद किया। ईश्वर चंद मन्डुसिया कहा कि डॉ. अम्बेडकर के विचार आज भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं अब उनके विचारों को अंगीकार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर ने महिला एवं समाज के पिछडे लोगों के उत्थान की जो पहल की थी उसके लिए आने वाली पीढियां हमेशा ऋणी रहेगी। भारतीय संविधान के निर्माण में उनका योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता इस अवसर पर सुरेरा गाँव के अनेक युवा साथी और बुजुर्ग तथा बच्चे शामिल थे तथा दसवीं और बाहरवी के बच्चो ट्रोफिया देकर सम्मानित किया गया
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नवरत्न मन्डुसिया
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